प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जॉइंट डायरेक्टर स्वपन बोस का मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच शोक की लहर है। विभाग की ओर से उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया गया है और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई गई है।
स्वपन बोस लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन को प्रवर्तन निदेशालय ने संगठन के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। विभाग की ओर से उन्हें एक सक्षम, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में याद किया गया।
33 वर्षों तक प्रवर्तन निदेशालय में दी सेवाएं
स्वपन बोस का प्रवर्तन निदेशालय के साथ करीब 33 वर्षों का लंबा कार्यकाल रहा। इस दौरान उन्होंने विभाग में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और अलग-अलग स्तरों पर अपनी सेवाएं दीं। लंबे समय तक आर्थिक अपराधों और वित्तीय मामलों से जुड़ी जिम्मेदारियों को निभाते हुए उन्होंने विभाग के कामकाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विभाग के अनुसार, अपने लंबे सेवाकाल के दौरान स्वपन बोस ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी पेशेवर क्षमता और संस्थागत प्रतिबद्धता के साथ निभाया। उनके कार्य के प्रति समर्पण और ईमानदारी को विभाग में सम्मान के साथ याद किया जा रहा है।
विभाग में शोक की लहर
स्वपन बोस के निधन की खबर के बाद प्रवर्तन निदेशालय के मुख्यालय सहित विभिन्न जोनल और सब-जोनल कार्यालयों में भी शोक व्यक्त किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि उनके लंबे अनुभव और योगदान की कमी संगठन को महसूस होगी।
उनके सहकर्मियों के लिए भी यह एक दुखद क्षण है। करीब तीन दशकों से अधिक समय तक विभाग से जुड़े रहने के कारण उन्होंने संस्थान के कामकाज और अधिकारियों के साथ लंबे समय तक काम किया था।
परिवार के प्रति जताई संवेदना
प्रवर्तन निदेशालय ने स्वपन बोस के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। विभाग की ओर से कहा गया कि इस कठिन समय में पूरा संगठन उनके परिवार के साथ खड़ा है।
उनका निधन न केवल उनके परिवार और करीबी लोगों के लिए, बल्कि उस संस्थान के लिए भी बड़ी क्षति है, जहां उन्होंने अपने जीवन के 33 वर्ष सार्वजनिक सेवा में समर्पित किए।
स्वपन बोस को उनकी पेशेवर क्षमता, ईमानदारी, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके योगदान ने विभाग की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनके सहयोगियों के बीच उनकी एक अलग पहचान रही।
उनके निधन से सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में भी एक अनुभवी अधिकारी का जाना माना जा रहा है। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति मिलने की कामना की।

