10 Sep 2026, Thu

BRICS सम्मेलन से भारत की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा? एक्सपर्ट से जानिए

भारत में आयोजित हो रहा BRICS सम्मेलन कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ आर्थिक नजरिए से भी काफी अहम माना जा रहा है। दुनिया में व्यापार को लेकर अनिश्चितता, बदलती वैश्विक परिस्थितियों और कई देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए यह सम्मेलन नए आर्थिक अवसर पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, BRICS के मंच का इस्तेमाल भारत नए बाजार तलाशने, विदेशी निवेश आकर्षित करने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कर सकता है।

भारतीय कारोबार के लिए खुल सकते हैं नए बाजार

BRICS के बढ़ते दायरे से भारतीय कंपनियों के लिए कई नए बाजारों तक पहुंच आसान हो सकती है। रूस, चीन, खाड़ी देशों और अफ्रीकी बाजारों में भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत इन देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करता है तो निर्यात के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे किसी एक बड़े बाजार पर भारतीय कारोबार की निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।

स्थानीय मुद्रा में व्यापार को मिल सकता है बढ़ावा

BRICS देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने की कोशिश भी भारत के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। डॉलर पर अत्यधिक निर्भरता कम होने से कुछ अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में भुगतान संबंधी चुनौतियां घट सकती हैं।

रूस जैसे देशों के साथ स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ने से ऊर्जा और अन्य जरूरी वस्तुओं के आयात में सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा डिजिटल भुगतान और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी CBDC आधारित व्यवस्थाओं के जरिए सीमा पार भुगतान को तेज और आसान बनाने पर भी जोर दिया जा सकता है।

खाड़ी देशों से निवेश की बढ़ सकती है उम्मीद

BRICS में खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख देशों की भागीदारी भारत के लिए निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों के पास बड़े निवेश फंड हैं और भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स तथा मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं।

अगर इन क्षेत्रों में बड़े निवेश आते हैं तो इससे नई परियोजनाओं को गति मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और पूंजी जुटाने के नए रास्ते मिल सकते हैं।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी अहम है BRICS

भारत की अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। BRICS समूह में रूस, सऊदी अरब और यूएई जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देश शामिल हैं। ऐसे में इन देशों के साथ बेहतर आर्थिक और रणनीतिक संबंध भारत के लिए लंबे समय में फायदेमंद हो सकते हैं।

कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मजबूत संबंध अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऊर्जा की कीमतों और उपलब्धता में स्थिरता रहने से भारतीय उद्योगों और अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका होगी मजबूत

BRICS का मंच भारत को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं को सामने रखने का अवसर देता है। व्यापार, निवेश, डिजिटल भुगतान और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से भारतीय अर्थव्यवस्था को नए अवसर मिल सकते हैं।

हालांकि, इन फायदों को हासिल करने के लिए केवल सम्मेलन पर्याप्त नहीं होगा। भारत को सदस्य देशों के साथ ठोस व्यापारिक समझौते, निवेश साझेदारी और भुगतान व्यवस्था को आगे बढ़ाना होगा। अगर इन क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रगति होती है तो BRICS भारत के लिए आर्थिक विकास और वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

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