नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ही फ्रेम में तीनों नेताओं की मौजूदगी और उनके बीच नजर आई गर्मजोशी ने वैश्विक राजनीति में बदलते समीकरणों को लेकर बहस तेज कर दी है। तीनों देशों की अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका को देखते हुए इस तस्वीर को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक फ्रेम में दिखी तीनों नेताओं की केमिस्ट्री
BRICS सम्मेलन के दौरान एक ऐसे मौके पर मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग साथ नजर आए, जब तीनों नेताओं के बीच काफी सहज और गर्मजोशी भरा माहौल दिखाई दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों नेताओं के हाथ थामे हुए तस्वीर खिंचवाई। इस पल ने सम्मेलन के दौरान खास ध्यान आकर्षित किया।
प्रधानमंत्री ने भी इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा किया। तस्वीर सामने आने के बाद लोग भारत, रूस और चीन के बीच संबंधों और वैश्विक राजनीति में इनके बढ़ते प्रभाव को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चा कर रहे हैं।
बदलती वैश्विक राजनीति के बीच तस्वीर अहम
यह तस्वीर ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया कई बड़े भू-राजनीतिक संकटों से गुजर रही है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष, मध्य पूर्व की स्थिति और वैश्विक व्यापार को लेकर बढ़ते तनाव के बीच प्रमुख शक्तियों के नेताओं की एक साथ मौजूदगी को लेकर स्वाभाविक रूप से चर्चा हो रही है।
हालांकि, केवल एक तस्वीर के आधार पर किसी नए वैश्विक गठजोड़ या शक्ति संतुलन में बदलाव का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। लेकिन तीनों देशों की BRICS में महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए इस मुलाकात को राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से जरूर अहम माना जा रहा है।
भारत, रूस और चीन की अलग-अलग ताकत
भारत, रूस और चीन तीनों ही BRICS के प्रमुख सदस्य हैं और वैश्विक स्तर पर उनकी अपनी अलग-अलग ताकत है। रूस ऊर्जा संसाधनों और सैन्य क्षमता के लिए जाना जाता है। चीन दुनिया की बड़ी आर्थिक और विनिर्माण शक्तियों में शामिल है। वहीं भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेवाओं और मानव संसाधन के क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है।
इन तीनों देशों के बीच सहयोग BRICS जैसे बहुपक्षीय मंच पर कई मुद्दों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, इनके बीच कई मुद्दों पर अलग-अलग रणनीतिक हित भी मौजूद हैं।
पहले भी साथ दिख चुके हैं तीनों नेता
यह पहली बार नहीं है जब मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग एक साथ किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर नजर आए हों। इससे पहले भी बहुपक्षीय बैठकों के दौरान तीनों नेताओं की मुलाकातें सुर्खियों में रही हैं। ऐसे मौकों पर उनकी तस्वीरें अक्सर वैश्विक राजनीति में भारत, रूस और चीन के संबंधों को लेकर चर्चा का कारण बनती हैं।
साझा घोषणापत्र पर भी बनी सहमति
BRICS सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों ने साझा घोषणापत्र को भी स्वीकार किया। इसमें आतंकवाद सहित कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सदस्य देशों का साझा रुख सामने आया। पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई गई।
सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, वैश्विक शासन व्यवस्था, सुरक्षा और विकास से जुड़े मुद

