भारतीय क्रिकेट टीम के भविष्य के कार्यक्रम और विदेशी दौरों की तैयारियों को लेकर तीन सितंबर को मुंबई में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में टीम इंडिया के अगले कुछ वर्षों के रोडमैप से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। खास तौर पर SENA देशों में भारतीय टीम के प्रदर्शन को बेहतर करने और खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार करने पर जोर दिया गया। SENA देशों में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।
बैठक में टीम के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल, टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर, टीम प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और मुख्य कोच समेत कई प्रमुख लोग शामिल हुए। इस दौरान 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप की तैयारियों के साथ-साथ आने वाले विदेशी दौरों और खिलाड़ियों के वर्कलोड को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
SENA दौरे से पहले खिलाड़ियों को मिलेगा आराम
विदेशी परिस्थितियों में टीम इंडिया के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए अब खिलाड़ियों को बड़ी सीरीज से पहले पर्याप्त आराम देने की योजना पर काम किया जा रहा है। बोर्ड का मानना है कि लगातार क्रिकेट खेलने के कारण खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ रहा है, जिसका असर उनके प्रदर्शन और फिटनेस पर पड़ सकता है।
नई योजना के तहत SENA देशों में किसी महत्वपूर्ण सीरीज के शुरू होने से पहले खिलाड़ियों को पर्याप्त ब्रेक देने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा टीम को विदेशी परिस्थितियों के अनुकूल ढलने के लिए ज्यादा समय भी दिया जा सकता है। इसके लिए अभ्यास मैचों और अतिरिक्त ट्रेनिंग कैंप जैसी योजनाओं पर ध्यान दिया जाएगा।
भारतीय टीम के लिए यह रणनीति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि SENA देशों में परिस्थितियां भारतीय उपमहाद्वीप से काफी अलग होती हैं। तेज पिचों, स्विंग और उछाल का सामना करने के लिए खिलाड़ियों को पहले से तैयारी करने का पर्याप्त अवसर मिलने से टीम के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है।
अगले FTP में बदलाव की तैयारी
बैठक में फ्यूचर टूर प्रोग्राम यानी FTP में संभावित बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई। लगातार बढ़ते क्रिकेट कार्यक्रम के बीच खिलाड़ियों के आराम और फिटनेस को प्राथमिकता देने के लिए अगले FTP में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।
बोर्ड की ओर से संकेत दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कोशिश यह रहेगी कि टीम के कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया जाए जिससे खिलाड़ियों को लगातार क्रिकेट खेलने के बीच पर्याप्त आराम मिल सके और बड़ी विदेशी सीरीज के लिए उन्हें बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके।
2027 विश्व कप पर भी नजर
बैठक में पिछले विदेशी दौरों के प्रदर्शन की समीक्षा के साथ अगले एक साल की रणनीति पर भी चर्चा हुई। टीम प्रबंधन ने भविष्य के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया है। भारतीय टीम का प्रमुख लक्ष्य 2027 में होने वाला वनडे विश्व कप है।
विश्व कप को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों के संयोजन, फिटनेस, अभ्यास और विदेशी परिस्थितियों में तैयारी को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। आने वाले समय में टीम के कार्यक्रम में बदलाव और खिलाड़ियों के वर्कलोड को लेकर नई रणनीति देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर भारतीय क्रिकेट में अब केवल ज्यादा मैच खेलने के बजाय खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार रखने पर ध्यान दिया जा रहा है। SENA देशों में बेहतर प्रदर्शन और 2027 विश्व कप की मजबूत तैयारी के लिए आने वाले FTP में बदलाव इसी दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

