एविएशन सेक्टर में तेजी से विस्तार कर रही एक भारतीय एयरलाइन ने अपने पायलटों के लिए बड़ा फैसला लिया है। कंपनी पायलटों की सैलरी में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने जा रही है। इसके साथ ही न्यूनतम गारंटीड फ्लाइंग आवर्स और सालाना छुट्टियों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। ये नए बदलाव 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इस फैसले का उद्देश्य पायलटों को बेहतर आर्थिक लाभ देने के साथ उनके काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बेहतर बनाना है।
सैलरी में 20% तक बढ़ोतरी
नई व्यवस्था के तहत पायलटों की फिक्स्ड सैलरी और प्रति घंटे उड़ान के आधार पर मिलने वाले भुगतान में बढ़ोतरी की जाएगी। यह इजाफा अधिकतम 20 प्रतिशत तक हो सकता है। इससे पायलटों की कुल कमाई पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
एयरलाइन का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और कंपनियां अपने परिचालन नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं। ऐसे माहौल में अनुभवी पायलटों को अपने साथ बनाए रखना और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देना कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।
हर महीने कम से कम 50 घंटे का भुगतान
पायलटों के लिए एक और महत्वपूर्ण बदलाव न्यूनतम गारंटीड फ्लाइंग आवर्स को बढ़ाकर 50 घंटे करना है। गारंटीड फ्लाइंग आवर्स का मतलब है कि निर्धारित शर्तों के तहत पायलट को तय घंटों के लिए न्यूनतम भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, भले ही वास्तविक उड़ान के घंटे इससे कम रहें।
इस व्यवस्था से पायलटों की मासिक आय को अधिक स्थिर बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक भुगतान कंपनी की लागू नीतियों और संबंधित नियमों पर निर्भर करेगा।
सालाना 42 दिन की छुट्टियां और नए वर्क पैटर्न
एयरलाइन ने पायलटों के लिए न्यूनतम सालाना छुट्टियों की संख्या बढ़ाकर 42 दिन करने का फैसला किया है। इसके अलावा, पायलटों को अपनी जरूरत और काम करने की प्राथमिकताओं के अनुसार अलग-अलग ड्यूटी पैटर्न चुनने के विकल्प भी दिए जाएंगे।
इनमें ’25/9′ और ‘6-2-6-3′ जैसे वर्क पैटर्न शामिल हैं। ’25/9’ व्यवस्था में 25 दिन काम करने के बाद 9 दिन की छुट्टी का विकल्प होगा। वहीं, ‘6-2-6-3’ पैटर्न में 6 दिन काम के बाद 2 दिन की छुट्टी और फिर 6 दिन काम करने के बाद 3 दिन की छुट्टी मिलेगी।
ऐसे विकल्पों से पायलटों को अपनी ड्यूटी और व्यक्तिगत जीवन की बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है। उड़ान संचालन की जरूरतों के अनुसार इन व्यवस्थाओं का लाभ लागू शर्तों के तहत मिलेगा।
लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव और लॉयल्टी रिवॉर्ड भी
सैलरी और छुट्टियों में बदलाव के साथ पायलटों को लॉयल्टी रिवॉर्ड और पहले घोषित लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव प्लान (LTIP) का लाभ भी मिलेगा। इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य कर्मचारियों को लंबे समय तक कंपनी के साथ जुड़े रहने के लिए प्रेरित करना है।
45 विमानों के बेड़े के साथ विस्तार की तैयारी
अगस्त 2022 में परिचालन शुरू करने वाली इस एयरलाइन के बेड़े में फिलहाल 45 बोइंग 737 मैक्स विमान हैं और इसके साथ 800 से अधिक पायलट जुड़े हुए हैं। कंपनी नए विमान शामिल करने और नए रूट शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। इसके अलावा, कोच्चि और कोलकाता में पायलटों के लिए नए बेस विकसित करने की योजना भी है। वर्तमान में मुंबई और बेंगलुरु इसके प्रमुख बेस हैं।
कुल मिलाकर, वेतन, छुट्टियों और प्रोत्साहन योजनाओं में होने वाले ये बदलाव पायलटों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होने के बाद इनके प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

