29 Oct 2026, Thu

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, महंगाई के चलते आगे बढ़ सकती हैं मुश्किलें

अमेरिका में महंगाई का दबाव लगातार बना हुआ है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर घर और गाड़ी खरीदने तक का खर्च आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रहा है। इस बीच अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने अपनी प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। दरों को करीब 3.9 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। हालांकि, महंगाई को लेकर बैंक की चिंता कम नहीं हुई है और आने वाले महीनों में ब्याज दरें बढ़ाने का विकल्प खुला रखा गया है।

महंगाई पर काबू पाना केंद्रीय बैंक की प्राथमिकता

दो दिवसीय बैठक के बाद जारी बयान में केंद्रीय बैंक ने कहा कि महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। उसका लक्ष्य महंगाई दर को 2 प्रतिशत तक लाना है। ऐसे में फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखने से अधिकारियों को आर्थिक आंकड़ों का आकलन करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

पिछले महीने केंद्रीय बैंक ने तीन साल में पहली बार अपनी प्रमुख ब्याज दर बढ़ाई थी। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ब्याज दरें कम करने की मांग करते रहे हैं। इसके बावजूद महंगाई को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंक ने सतर्क रुख अपनाया है।

दिसंबर में बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बावजूद भविष्य में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। पिछले महीने अधिकारियों ने इस साल एक और बार ब्याज दर बढ़ाए जाने का अनुमान जताया था। वायदा बाजार के संकेतों के अनुसार, निवेशक भी दिसंबर में संभावित बढ़ोतरी पर नजर बनाए हुए हैं।

बैठक के दौरान दो अधिकारियों ने ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया। इससे पता चलता है कि केंद्रीय बैंक के भीतर महंगाई को लेकर अलग-अलग विचार मौजूद हैं, लेकिन कीमतों पर नियंत्रण को लेकर चिंता बनी हुई है।

सितंबर में 3.7 प्रतिशत रही महंगाई

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में सितंबर के दौरान उपभोक्ता कीमतों में सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। फरवरी में यह दर 2.4 प्रतिशत थी। अगस्त और सितंबर, दोनों महीनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 0.3 प्रतिशत की मासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।

महंगाई का मौजूदा स्तर केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से काफी ऊपर है। इसके अलावा, महंगाई मापने के एक अन्य महत्वपूर्ण सूचकांक में भी सितंबर के दौरान सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया गया है।

ऊर्जा की ऊंची कीमतें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च भी कीमतों पर दबाव डालने वाले कारकों में शामिल हैं।

आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?

यदि आने वाले महीनों में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो घर और कार खरीदने के लिए कर्ज लेना महंगा हो सकता है। क्रेडिट कार्ड के बकाया पर ब्याज का बोझ भी बढ़ सकता है। अमेरिका में 30 साल के होम लोन की औसत ब्याज दर इस महीने की शुरुआत में तीन साल के उच्च स्तर 7.4 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। बाद में इसमें कुछ गिरावट आई।

हालांकि, अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है और बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत बताई गई है। केंद्रीय बैंक के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचाए बिना महंगाई पर काबू पाना है।

अब आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर नजर

आने वाले समय में महंगाई, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े आंकड़े ब्याज दरों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। दिसंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ेंगी या स्थिर रहेंगी, इसका फैसला परिस्थितियों के आकलन के बाद ही होगा। फिलहाल अमेरिकी उपभोक्ताओं और निवेशकों की नजर केंद्रीय बैंक के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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