टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन Air India आने वाले महीनों में अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ा सकती है। एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने संकेत दिए हैं कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम रहने और विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में नरमी का मौजूदा रुझान जारी रहता है, तो कंपनी हाल के महीनों में की गई उड़ानों की कटौती को आंशिक रूप से वापस ले सकती है।
एयर इंडिया ने पिछले महीने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कई क्षेत्रों में हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों और विमान ईंधन की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के कारण अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 27 प्रतिशत की कटौती की थी। इसके साथ ही एयरलाइन ने परिचालन लागत को नियंत्रित करने के लिए घरेलू उड़ानों में भी अस्थायी रूप से 22 प्रतिशत की कमी की थी।
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से मिली राहत
कर्मचारियों को भेजे गए एक संदेश में कैंपबेल विल्सन ने कहा कि पश्चिम एशिया में हालात पहले की तुलना में अधिक स्थिर हुए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में स्थिति फिर से बिगड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
विल्सन ने कहा, “पश्चिम एशिया में तनाव कम हुआ है। हालांकि, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि तनाव दोबारा नहीं बढ़ेगा, लेकिन मौजूदा स्थिर माहौल के कारण अधिक एयर स्पेस उपलब्ध हुआ है और ईंधन की कीमतों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। यदि यह रुझान जारी रहता है, तो हम हाल के महीनों में की गई कुछ उड़ान कटौतियों को वापस लेने में सक्षम हो सकते हैं।”
बढ़ती ATF कीमतों ने बढ़ाई थी चुनौती
गौरतलब है कि किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च में विमान ईंधन यानी ATF की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक होती है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई थी, जिसका सीधा असर विमान ईंधन की लागत पर पड़ा। इसके अलावा, कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिए थे, जिससे उड़ानों को लंबा मार्ग अपनाना पड़ा और परिचालन लागत में और वृद्धि हुई।
मई में एयर इंडिया ने कई अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों की आवृत्ति कम की थी, जबकि कुछ रूट्स को अस्थायी रूप से निलंबित भी किया गया था। कंपनी ने उस समय कहा था कि इन कदमों का उद्देश्य नेटवर्क को स्थिर बनाए रखना और यात्रियों को अंतिम समय में होने वाली असुविधा से बचाना है।
फ्लीट में शामिल होंगे नए विमान
एयर इंडिया अपने बेड़े के विस्तार की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है। कैंपबेल विल्सन के अनुसार, इस वर्ष एयरलाइन के फ्लीट में आठ नए या पुनर्निर्मित वाइड-बॉडी विमान शामिल किए जाएंगे। इनमें इस सप्ताह शामिल होने वाला नया Boeing 787-9 विमान भी शामिल है। नए विमानों के शामिल होने से एयरलाइन को अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
वहीं, एयर इंडिया का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) भी बेहतर हुआ है। कंपनी के अनुसार, जून महीने में एयरलाइन का समग्र OTP बढ़कर 86 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो परिचालन सुधार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

