केंद्र सरकार ने अहमदाबाद के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अहमदाबाद मेट्रो फेज-2ए विस्तार परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। लगभग 2,169 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत शहर को सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने के लिए नया मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस विस्तार से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि आने वाले वर्षों में अहमदाबाद को एक आधुनिक और अधिक कनेक्टेड महानगर के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
एयरपोर्ट तक आसान होगा सफर
नई परियोजना के तहत कोटेश्वर रोड से सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक करीब 6 किलोमीटर लंबा मेट्रो विस्तार किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए सड़क यातायात पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। इससे यात्रा का समय कम होगा और ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट से सीधे मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक यात्रियों और पर्यटकों को भी काफी सुविधा होगी।
पांच नए स्टेशन बनाए जाएंगे
परियोजना के अंतर्गत कुल पांच नए मेट्रो स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इनमें चार स्टेशन एलिवेटेड यानी ऊंचाई पर बनाए जाएंगे, जबकि एक स्टेशन भूमिगत होगा। सरकार ने अगले चार वर्षों के भीतर इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मेट्रो विस्तार के दौरान आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा ताकि यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।
कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों को मिलेगा बल
अहमदाबाद 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी को मजबूत कर रहा है। ऐसे में यह मेट्रो विस्तार परियोजना शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नया कॉरिडोर प्रस्तावित कॉमनवेल्थ एन्क्लेव को एयरपोर्ट से जोड़ेगा, जिससे खिलाड़ियों, अधिकारियों, पर्यटकों और आयोजन से जुड़े अन्य लोगों की आवाजाही आसान होगी।
सरकार का मानना है कि विश्वस्तरीय खेल आयोजन की तैयारियों में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अहमदाबाद, गांधीनगर और GIFT City को मिलेगा फायदा
नई मेट्रो लाइन अहमदाबाद, गांधीनगर, GIFT City और एयरपोर्ट के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के साथ भी इसका बेहतर एकीकरण किया जाएगा।
इससे यात्रियों को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम का लाभ मिलेगा, जहां वे एक ही यात्रा में विभिन्न परिवहन माध्यमों का आसानी से उपयोग कर सकेंगे।
रोजगार और शहरी विकास को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के अनुसार, परियोजना के निर्माण और संचालन के दौरान करीब 2,500 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही सरदार नगर, कोटेश्वर, साबरमती रिवरफ्रंट और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
78 किलोमीटर तक पहुंचेगा नेटवर्क
इस विस्तार के पूरा होने के बाद अहमदाबाद मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 78 किलोमीटर हो जाएगी। इससे शहर में सार्वजनिक परिवहन की पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने, प्रदूषण घटने और टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अहमदाबाद मेट्रो का यह विस्तार शहर की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किए जा रहे आधुनिक बुनियादी ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

