AAP में बड़ा सियासी भूचाल: 7 सांसदों ने छोड़ी पार्टी, बीजेपी में शामिल होने का दावा
आम आदमी पार्टी (AAP) में इस समय बड़ा राजनीतिक संकट देखने को मिल रहा है। पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के दावे ने देश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चाएं जारी हैं और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ बड़ा ऐलान
शुक्रवार को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी से बगावत का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उनके साथ AAP के 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है और वे सभी बीजेपी में शामिल हो गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है, जिसके कारण यह बड़ा फैसला लिया गया।
किन सांसदों के नाम आए सामने?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिन सांसदों के नाम बताए गए, उनमें कई बड़े और चर्चित चेहरे शामिल हैं। बताया गया कि सभी ने एक साथ पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। हालांकि इस पर आधिकारिक स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
राघव चड्ढा का बड़ा बयान
राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी अब अपने सिद्धांतों पर नहीं चल रही है। उन्होंने दावा किया कि दो-तिहाई से ज्यादा सांसद बीजेपी में शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमने बहुत सोच-समझकर यह फैसला लिया है क्योंकि पार्टी अब उस दिशा में नहीं है, जिस उद्देश्य से इसकी स्थापना हुई थी।”
संजय सिंह का पलटवार
AAP नेता संजय सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी पंजाब में “ऑपरेशन लोटस” चला रही है और आम आदमी पार्टी की सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
संजय सिंह ने कहा, “पंजाब की जनता इन नामों को याद रखेगी और समय आने पर जवाब देगी।”
केजरीवाल की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा,
“बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ धक्का किया है।”
राजनीतिक माहौल गर्म
इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली से लेकर पंजाब तक राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है। जहां AAP इसे बीजेपी की रणनीति बता रही है, वहीं बीजेपी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले समय में पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।
निष्कर्ष
आम आदमी पार्टी में 7 सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने के दावे ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह राजनीतिक विवाद किस दिशा में जाता है और क्या वास्तव में यह बड़ा राजनीतिक बदलाव साबित होगा या फिर सिर्फ सियासी बयानबाजी तक सीमित रहेगा।

