साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज हो गया है। सीरीज के पहले मुकाबले के शुरुआती दिन ही ऑस्ट्रेलियाई टीम को बड़ा झटका लगा। टीम के सलामी बल्लेबाज निक मैडिसन 33 गेंदों का सामना करने के बावजूद अपना खाता नहीं खोल सके और बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौट गए। उनकी यह पारी टेस्ट क्रिकेट के एक खास रिकॉर्ड के करीब पहुंच गई, लेकिन वह पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए।
33 गेंद खेलने के बाद भी नहीं बना पाए एक भी रन
पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी से शुरुआत की। पारी का आगाज करने के लिए निक मैडिसन और ट्रेविस हेड मैदान पर उतरे। दोनों से टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की उम्मीद थी, लेकिन मैडिसन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
मैडिसन ने क्रीज पर टिके रहने के लिए 33 गेंदें खेलीं, मगर इस दौरान वह एक भी रन नहीं बना सके। आखिरकार उन्हें शून्य के स्कोर पर अपना विकेट गंवाना पड़ा। क्रिकेट में बिना रन बनाए आउट होना असामान्य नहीं है, लेकिन इतनी गेंदों का सामना करने के बाद भी खाता नहीं खोल पाना चर्चा का विषय बन गया।
यह पारी टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक बिना रन बनाए खेलने वाले बल्लेबाजों के रिकॉर्ड के संदर्भ में भी खास रही। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शीर्ष सात क्रम पर बल्लेबाजी करने वाले किसी विशेषज्ञ बल्लेबाज के लिए इतने लंबे समय तक शून्य पर टिके रहना एक दुर्लभ घटना है।
ट्रेवर ग्रिपर के रिकॉर्ड से चूक गए मैडिसन
मैडिसन अगर कुछ और गेंदें खेल लेते और इसके बावजूद उनका खाता नहीं खुलता, तो वह एक पुराने रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच सकते थे। साल 2000 में जिम्बाब्वे के बल्लेबाज ट्रेवर ग्रिपर ने 36 गेंदों का सामना किया था, लेकिन वह एक भी रन नहीं बना पाए थे।
मैडिसन 33 गेंदों के बाद आउट हो गए, इसलिए वह इस आंकड़े को पार नहीं कर सके। हालांकि, उनकी पारी ने एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों के धैर्य और दबाव के बीच रन बनाने की चुनौती को चर्चा में ला दिया।
ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत रही निराशाजनक
मैडिसन के आउट होने के बाद भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की मुश्किलें कम नहीं हुईं। दूसरे सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। वह 19 गेंदों में नौ रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती दोनों विकेट जल्दी गिरने से टीम पर दबाव बढ़ गया।
इसके बाद बल्लेबाजी करने आए मार्नस लाबुशेन ने कुछ समय तक पारी को संभालने की कोशिश की। उन्होंने 58 गेंदों का सामना करते हुए 37 रन बनाए, लेकिन वह भी अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और आउट होकर लौट गए।
टेस्ट सीरीज में वापसी की चुनौती
पहले मुकाबले के शुरुआती दिन ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी दिखाई दी। सलामी बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने और लाबुशेन के बड़ी पारी नहीं खेल पाने से टीम की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई।
हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में एक खराब शुरुआत के बाद भी वापसी की संभावना बनी रहती है। ऑस्ट्रेलिया को आगे के बल्लेबाजों से जिम्मेदारी भरी पारियों की उम्मीद होगी, जबकि दक्षिण अफ्रीका की टीम इस दबाव का फायदा उठाकर मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहेगी। तीन मैचों की इस सीरीज का पहला मुकाबला आगे किस दिशा में बढ़ता है, यह दोनों टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

