8 Oct 2026, Thu

बिहार का ये एग्जीक्यूटिव इंजीनियर तो निकला ‘धनकुबेर’, घर में मिले नोटों के ढेर, गिनने के लिए मंगानी पड़ी मशीन

पटना: बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। योजना एवं विकास विभाग, मुंगेर में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में जांच शुरू की गई है। इसी सिलसिले में गुरुवार सुबह बिहार के चार जिलों में उनके पांच ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।

तलाशी के दौरान मुजफ्फरपुर स्थित एक फ्लैट से 50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कई बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, आभूषण और संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात भी जांच टीम के हाथ लगे हैं। बरामद नकदी इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए मशीन की मदद लेनी पड़ी।

पांच ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

विशेष निगरानी न्यायालय, पटना से सर्च वारंट मिलने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की टीमों ने 8 अक्टूबर को एक साथ पांच स्थानों पर तलाशी शुरू की। अलग-अलग टीमों का नेतृत्व डीएसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।

जांच के दौरान अधिकारियों की ओर से बैंक खातों, निवेश, जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेज, नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बरामद संपत्तियों और दस्तावेजों का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

मुजफ्फरपुर के फ्लैट से मिले 50 लाख रुपये

मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र स्थित नया टोला के राधिका अपार्टमेंट में भी जांच टीम ने तलाशी ली। यहां फ्लैट नंबर 2F से 50 लाख रुपये नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

इसके अलावा टीम को बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और आभूषण समेत कई महत्वपूर्ण कागजात मिले हैं। नकदी की बरामदगी के बाद जांच टीम ने नोटों की गिनती के लिए मशीन का इस्तेमाल किया। तलाशी के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।

83.53 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, नारद कुमार दास के खिलाफ उनकी ज्ञात और वैध आय के मुकाबले 83 लाख 53 हजार 200 रुपये की अतिरिक्त संपत्ति अर्जित किए जाने का प्रारंभिक साक्ष्य मिला है। यह रकम उनकी ज्ञात आय से करीब 64.93 प्रतिशत अधिक बताई गई है।

इस मामले में 7 अक्टूबर 2026 को आर्थिक अपराध इकाई थाने में केस दर्ज किया गया। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अतिरिक्त संपत्ति किन माध्यमों से अर्जित की गई और इससे जुड़े अन्य लोगों या लेनदेन की क्या भूमिका है।

पहले मुजफ्फरपुर में भी रह चुके हैं पदस्थ

नारद कुमार दास पहले मुजफ्फरपुर में भी कार्यरत रह चुके हैं। इसी दौरान उन्होंने नया टोला स्थित फ्लैट खरीदा था। इसी संपत्ति को लेकर भी जांच की जा रही है।

छापेमारी के दौरान अपार्टमेंट परिसर में लोगों की भीड़ और हलचल देखने को मिली। फिलहाल बिहार के अलग-अलग जिलों में स्थित पांचों ठिकानों पर जांच जारी है। तलाशी पूरी होने के बाद नकदी, दस्तावेज, आभूषण और अन्य संपत्तियों की कुल बरामदगी का विस्तृत ब्योरा सामने आने की उम्मीद है।

आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ यह भी स्पष्ट होगा कि बरामद संपत्तियों और दस्तावेजों का कथित अवैध आय से क्या संबंध है।

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