6 Oct 2026, Tue

कश्मीर से बड़ी खबर, संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के ससुराल वालों के कब्जे वाली जमीन पर अवैध शेड को गिराया गया

बारामूला, जम्मू-कश्मीर: उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान गुलनार पार्क के आसपास सरकारी भूमि पर बने एक अवैध शेड को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, जिस जमीन से कब्जा हटाया गया, वह महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित सरकारी भूमि है।

बताया गया है कि कार्रवाई के दौरान कई कनाल सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। प्रशासन की ओर से यह अभियान सरकारी संपत्ति को अवैध कब्जे से बचाने और सार्वजनिक भूमि के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया गया।

सरकारी जमीन पर बने अवैध ढांचे पर कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार, संबंधित भूमि पर बिना अनुमति निर्माण और कब्जे की शिकायत के बाद कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान सरकारी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अवैध ढांचे को हटाया और जमीन को सरकारी नियंत्रण में वापस लिया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में सरकारी और राज्य की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की ओर से अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अफजल गुरु के ससुराल पक्ष से जुड़ा बताया गया मामला

यह मामला संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के ससुराल पक्ष से जुड़े परिवार के सदस्यों के नाम सामने आने के कारण भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिन लोगों को अतिक्रमण से संबंधित मामले में सूचीबद्ध किया गया है, उनमें सज्जाद अहमद बुहारू, तारिक अहमद बुहारू, तबस्सुम गुरुरू और मंजूर अहमद बुहारू सहित अन्य नाम शामिल हैं।

हालांकि, प्रशासन की कार्रवाई का मुख्य आधार सरकारी भूमि पर कथित अनधिकृत कब्जा और निर्माण बताया गया है। किसी व्यक्ति के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई संबंधित जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया के आधार पर तय की जाएगी।

कई कनाल जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया

अभियान के दौरान प्रशासन ने कई कनाल जमीन को अपने नियंत्रण में लिया। यह भूमि एक प्रमुख स्थान पर स्थित होने के कारण महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसकी बाजार कीमत काफी अधिक होने का अनुमान लगाया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि सरकारी भूमि का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। सार्वजनिक जमीन पर अवैध निर्माण या कब्जे की स्थिति सामने आने पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पूरे जिले में जारी रहेगा अभियान

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जमीन की निगरानी और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी भूमि को सुरक्षित रखना, उसके अनधिकृत उपयोग को रोकना और सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे को समाप्त करना है। आगे भी चिन्हित स्थानों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई किए जाने की संभावना है।

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