बॉलीवुड के मशहूर सिंगर ने पाकिस्तान और वहां रहने वाले लोगों को लेकर अपनी व्यक्तिगत राय साझा की है। एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के साथ अपने जुड़ाव, वहां के लोगों की मेहमाननवाजी और सिख धार्मिक स्थलों के प्रति उनके सहयोग का जिक्र किया। उन्होंने पाकिस्तान के मुस्लिम समुदाय को लेकर भारत में बनी धारणा पर भी सवाल उठाया और कहा कि हर व्यक्ति को एक ही नजरिए से देखना उचित नहीं है।
बातचीत के दौरान सिंगर ने अपनी पाकिस्तान यात्रा को याद करते हुए वहां मिले लोगों के व्यवहार के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में उन्हें कई ऐसे लोग मिले, जिन्होंने काफी गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। उनके मुताबिक, वहां रहने वाले कुछ मुस्लिम लोगों ने गुरुद्वारों की देखभाल और सफाई जैसे कामों में भी सहयोग किया है। उन्होंने इस अनुभव को अपने लिए खास बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों के साथ उनका रिश्ता भाईचारे जैसा रहा है।
सिंगर ने पाकिस्तान में मौजूद सिख धर्म के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने ननकाना साहिब और पंजा साहिब जैसे पवित्र स्थानों को अपने लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि इन धार्मिक स्थलों से जुड़े लोगों और वहां सेवा करने वाले मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के अनुभवों को भी समझने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान या वहां रहने वाले सभी लोगों को खराब मान लेना सही नहीं है। इसी संदर्भ में उन्होंने भारत में पाकिस्तानी मुसलमानों को लेकर मौजूद नकारात्मक धारणा पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि उन्हें यह बात समझ नहीं आती कि पाकिस्तान के मुसलमानों को लेकर अलग नजरिया क्यों अपनाया जाता है, जबकि दूसरे देशों में रहने वाले मुसलमानों को लेकर लोगों की सोच अलग हो सकती है।
सिंगर ने यह बात व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर रखी और साफ किया कि किसी देश की राजनीतिक परिस्थितियों और वहां रहने वाले आम लोगों को हमेशा एक ही नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद भारत-पाकिस्तान के लोगों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्तों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बातचीत में पाकिस्तानी कलाकारों के भारत आने और दोनों देशों के कलाकारों के बीच सहयोग को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर सिंगर ने कहा कि उन्हें पाकिस्तानी कलाकारों के भारत आने से आपत्ति नहीं है। उन्होंने माना कि भारतीय मनोरंजन जगत में कई पाकिस्तानी कलाकारों और गायकों का स्वागत किया गया है और उन्हें काम करने के अवसर भी मिले हैं।
उन्होंने कलाकारों के निजी कार्यक्रमों के लिए पाकिस्तान जाने के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उनके मुताबिक किसी कलाकार का निजी समारोह में प्रस्तुति देने के लिए दूसरे देश जाना और उस यात्रा को राजनीतिक गतिविधि के तौर पर देखना अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई कलाकार निजी कार्यक्रम में जाता है, अपनी फीस लेकर वापस लौटता है और अपनी यात्रा को छिपाता नहीं है, तो उसे सीधे तौर पर राजनीतिक गतिविधि से जोड़ना उचित नहीं होगा।
सिंगर की इन टिप्पणियों ने भारत-पाकिस्तान के बीच कलाकारों के रिश्तों, सांस्कृतिक संपर्क और आम लोगों के प्रति नजरिए को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

