बदलते मौसम के दौरान सर्दी-जुकाम, बुखार और शरीर में दर्द जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। अक्सर लोग इन्हें मौसम में बदलाव का सामान्य असर समझकर घर पर ही आराम करने लगते हैं। हालांकि, हर बार बुखार साधारण वायरल इंफेक्शन की वजह से हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ मामलों में तेज बुखार और शरीर में दर्द डेंगू जैसी बीमारी के संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए कुछ खास लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही करने के बजाय समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
तेज बुखार के साथ ये लक्षण दिखें तो रहें सावधान
डेंगू और कई अन्य वायरल संक्रमण के लक्षण एक-दूसरे से मिलते-जुलते हो सकते हैं। अचानक तेज बुखार के साथ शरीर में तेज दर्द, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, अत्यधिक कमजोरी और भूख कम लगना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
सिर्फ इन लक्षणों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि व्यक्ति को डेंगू ही है। इसकी पुष्टि के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार जांच की सलाह दे सकते हैं। इसलिए बुखार लगातार बना रहे या स्थिति में सुधार न हो तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
दो-तीन दिन से ज्यादा बुखार रहे तो कराएं जांच
अगर बुखार दो से तीन दिनों से ज्यादा समय तक बना रहता है या धीरे-धीरे लक्षण बढ़ने लगते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट कराए जा सकते हैं। बीमारी के शुरुआती चरण में डेंगू की जांच के लिए NS1 एंटीजन टेस्ट किया जा सकता है, जबकि बाद के चरण में एंटीबॉडी टेस्ट की मदद ली जाती है।
डेंगू की आशंका होने पर डॉक्टर प्लेटलेट्स की संख्या के साथ शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की स्थिति पर भी नजर रख सकते हैं। बीमारी के दौरान पर्याप्त आराम और शरीर में पानी की कमी न होने देना महत्वपूर्ण है।
पानी और तरल पदार्थों का रखें ध्यान
बुखार के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ORS, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ लिए जा सकते हैं। इससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को रोकने में मदद मिल सकती है।
बुखार कम करने के लिए दवा लेते समय भी सावधानी जरूरी है। डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं बिना चिकित्सकीय सलाह के एस्पिरिन, आइबुप्रोफेन या अन्य दर्द निवारक दवाएं लेने से बचना चाहिए, खासकर तब जब डेंगू की आशंका हो।
इन गंभीर लक्षणों में तुरंत लें चिकित्सकीय मदद
अगर बुखार के दौरान नाक या मसूड़ों से खून आने लगे, लगातार उल्टी हो, पेट में तेज दर्द हो या सांस लेने में परेशानी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। अत्यधिक कमजोरी, बेचैनी, चक्कर आना या असामान्य रूप से नींद आना भी गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं।
खास बात यह है कि डेंगू में बुखार कम होने के बाद भी सावधानी बरतना जरूरी होता है। कुछ मरीजों में इस चरण के दौरान जटिलताएं सामने आ सकती हैं। इसलिए बदलते मौसम में तेज बुखार और शरीर दर्द को सामान्य मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर से सलाह और आवश्यक जांच बीमारी की पहचान और उचित देखभाल में मदद कर सकती है।

