दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में उस समय हड़कंप मच गया, जब उड़ान के दौरान कॉकपिट के अंदर को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। हजारों फीट की ऊंचाई पर हुई इस घटना के बावजूद भारतीय मूल के कैप्टन ने अपना धैर्य नहीं खोया और विमान को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए। उनकी सूझबूझ और साहस की अब दुनियाभर में चर्चा हो रही है।
बताया जा रहा है कि विमान में 170 से ज्यादा यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई घटना के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। हमले में कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी विमान का नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश जारी रखी।
हमले के बाद भी नहीं छोड़ा विमान का नियंत्रण
घटना के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि कॉकपिट के भीतर ही पायलट पर हमला हुआ था। ऐसे हालात में विमान और उसमें सवार यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में पड़ सकती थी। जानकारी के अनुसार, हमले के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद विमान को संभावित बड़े हादसे से बचाने में मदद मिली।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि विमान उड़ाते समय पायलटों को किस तरह अचानक पैदा होने वाली गंभीर परिस्थितियों में भी तुरंत और सही निर्णय लेना पड़ता है। कैप्टन स्मित की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह खुद घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते रहे।
करीब 15 साल का एविएशन अनुभव
कैप्टन स्मित मच्छार बोइंग 737 के अनुभवी पायलट बताए जाते हैं। उन्होंने अपने एविएशन करियर में हजारों घंटे विमान उड़ाया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 15 साल के करियर में वह लगभग 9,750 घंटे की उड़ान पूरी कर चुके हैं।
दिलचस्प बात यह है कि बचपन में उनका सपना एविएशन से जुड़ा हुआ नहीं था। उनका परिवार टेक्सटाइल कारोबार से जुड़ा था और शुरुआती दौर में उनका ध्यान भी पारिवारिक व्यवसाय पर था। लेकिन 19 साल की उम्र में एविएशन के प्रति उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने इसी क्षेत्र को अपना करियर बनाने का फैसला किया।
परिवार के लिए भी गर्व का पल
कैप्टन स्मित को जानने वाले लोग उन्हें मिलनसार और परिवार को महत्व देने वाला व्यक्ति बताते हैं। हालांकि वह अपने पेशे को लेकर ज्यादा चर्चा करना पसंद नहीं करते और एविएशन से जुड़ी अपनी जिंदगी को मुख्य रूप से कॉकपिट तक ही सीमित रखते हैं।
इस घटना के बाद दुनिया के कई बड़े नेताओं और लोगों ने कैप्टन स्मित के साहस की सराहना की है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत इजरायल और अमेरिका के शीर्ष नेताओं ने भी उनकी बहादुरी को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की है।
हजारों फीट की ऊंचाई पर खुद घायल होने के बावजूद विमान और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी अब एविएशन जगत में साहस, जिम्मेदारी और सूझबूझ की मिसाल के तौर पर चर्चा में है।

