ओडिशा के बरगढ़ जिले में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने पंचायत कार्यकारी अधिकारी (PEO) के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति होने का पता चला है। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में जमीन के प्लॉट, बहुमंजिला इमारतें, मार्केट कॉम्प्लेक्स, गोदाम और नकदी समेत कई संपत्तियां सामने आई हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई 22 सितंबर को बरगढ़ जिले में एक साथ छह अलग-अलग स्थानों पर की गई। संबंधित PEO गाईसिलेट ब्लॉक की कटाभाल ग्राम पंचायत में कार्यरत हैं। इसके अलावा वह फिरिंगिमाल और गौरेंमुंडा ग्राम पंचायतों के प्रभारी PEO की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के तहत विजिलेंस टीम ने उनके आवास समेत अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
35 कीमती प्लॉट मिले
तलाशी के दौरान गाईसिलेट और कंदागढ़ के आसपास के इलाकों में कुल 35 कीमती प्लॉट का पता चला है। इन जमीनों को अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ा बताया जा रहा है। विजिलेंस की तकनीकी टीम अब इन प्लॉट की वास्तविक कीमत और उनसे संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। जमीनों के बाजार मूल्य का आकलन पूरा होने के बाद संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत और स्पष्ट हो सकती है।
बहुमंजिला इमारत और मार्केट कॉम्प्लेक्स भी सामने आए
जांच के दौरान कंदागढ़ में करीब 6,500 वर्गफीट क्षेत्रफल में बना दो मंजिला आवासीय भवन मिला। इसके अलावा गाईसिलेट में लगभग 8,000 वर्गफीट क्षेत्रफल में चार मंजिला आवासीय इमारत का निर्माण भी सामने आया है। यह इमारत अभी निर्माणाधीन बताई जा रही है।
विजिलेंस टीम को कंदागढ़ में लगभग 2,400 वर्गफीट क्षेत्रफल वाला एक मार्केट कॉम्प्लेक्स भी मिला है। इस कॉम्प्लेक्स में छह कमरे बताए गए हैं। इसके अलावा करीब 1,500 वर्गफीट क्षेत्रफल में बना एक गोदाम भी जांच के दौरान सामने आया, जिसमें तीन कमरे हैं।
गोदाम में लाखों रुपये का महुआ फूल मिला
तलाशी के दौरान गोदाम से करीब 22 लाख रुपये मूल्य का महुआ फूल भी बरामद किया गया है। इसके अलावा टीम को करीब 2.98 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों ने संपत्तियों और बरामद सामग्री से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल विजिलेंस की तकनीकी टीम जमीन, मकान, मार्केट कॉम्प्लेक्स और गोदाम समेत सामने आई सभी संपत्तियों की माप और कीमत का आकलन कर रही है। दस्तावेजों और संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अधिकारी की घोषित आय और सामने आई संपत्तियों के बीच कितना अंतर है। मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ और भी संपत्तियों या वित्तीय लेन-देन का खुलासा होने की संभावना है।

