23 Sep 2026, Wed

लौट के ट्रंप भारत के पास आए…, बोले- ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर का समर्थन करता हूं’

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच न्यूयॉर्क में दोनों देशों के बीच बातचीत का सिलसिला फिर शुरू हुआ है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान दोनों पक्षों के बीच करीब तीन घंटे तक चर्चा हुई। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, पश्चिम एशिया और यूरोप को जोड़ने वाले इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी IMEC के प्रति अपना समर्थन जताया है। ट्रंप ने कहा कि क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे को ऐसे रास्तों की ओर ले जाने की जरूरत है, जो ईरान के प्रभाव वाले मार्गों पर निर्भर न हों।

ईरान-अमेरिका के बीच तीन घंटे चली बातचीत

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क जारी है और समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच अभी कई अहम मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। ईरान की ओर से पहले ही संकेत दिए गए हैं कि तनाव कम करने और समुद्री मार्गों को सामान्य बनाने के लिए अमेरिका को कुछ ठोस कदम उठाने होंगे।

ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर भी शर्तें सामने आई हैं। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका सैन्य दबाव कम करे और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटाए तो तेहरान एक सप्ताह के भीतर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोल सकता है।

ट्रंप ने IMEC का किया समर्थन

इसी घटनाक्रम के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने IMEC को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों ने यह दिखाया है कि पश्चिम एशिया के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को वैकल्पिक रास्तों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने IMEC के साथ-साथ तेल और ऊर्जा की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन समेत अन्य विकल्पों का भी समर्थन किया।

IMEC का उद्देश्य भारत को पश्चिम एशिया के रास्ते यूरोप से जोड़ना है। इस परियोजना में समुद्री और रेल संपर्क के साथ ऊर्जा तथा डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की योजना शामिल है। इसके जरिए भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक आवाजाही को बेहतर बनाने के साथ पश्चिम एशिया के प्रमुख देशों को भी एक आर्थिक नेटवर्क से जोड़ने की परिकल्पना की गई है।

ऊर्जा आपूर्ति और होर्मुज पर नजर

ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है। इसके जरिए तेल और गैस की बड़ी मात्रा का परिवहन होता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों और ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है।

ऐसे में अमेरिका की ओर से IMEC और अन्य वैकल्पिक ऊर्जा मार्गों को समर्थन दिए जाने को क्षेत्रीय व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े कई मुद्दों का समाधान जरूरी होगा।

फिलहाल न्यूयॉर्क में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत आगे बढ़ने के संकेतों के बीच दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या दोनों पक्ष तनाव कम करने और क्षेत्र में व्यापारिक एवं ऊर्जा मार्गों को सामान्य बनाने की दिशा में कोई ठोस समझौता कर पाते हैं।

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