मध्य पूर्व में शांति के लिए साथ आने की अपील
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चल रहा युद्ध पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है और इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हित प्रभावित हो रहे हैं। जिनपिंग ने BRICS देशों से मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता स्थापित करने के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की।
जिनपिंग ने कहा कि संघर्ष के कारण मध्य पूर्व के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे हालात अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में नहीं हैं। उन्होंने संकेत दिया कि BRICS देश इस मुद्दे पर शांतिदूत की भूमिका निभाने के लिए आगे आ सकते हैं।
BRICS देशों से संरक्षणवाद छोड़ने की अपील
चीनी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में आर्थिक और व्यापारिक नीतियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने BRICS देशों से हर तरह के संरक्षणवाद को खारिज करने का आग्रह किया। साथ ही मनमाने टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों का विरोध करने की बात कही।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका की व्यापार नीति को लेकर कई देशों में चिंता बनी हुई है। जिनपिंग ने कहा कि BRICS देशों को खुली और सहयोग आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने सदस्य देशों से संप्रभुता के उल्लंघन का भी विरोध करने की अपील की।
ट्रंप की टैरिफ नीति पर निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए दंडात्मक टैरिफ का जिक्र करते हुए जिनपिंग ने BRICS देशों से मनमाने शुल्क का विरोध करने को कहा। उन्होंने संरक्षणवादी नीतियों के खिलाफ साझा रुख अपनाने की जरूरत बताई।
जिनपिंग का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब वैश्विक व्यापार में टैरिफ को लेकर तनाव बना हुआ है। BRICS देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय मुद्राओं में कारोबार को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हो रही है। ऐसे में टैरिफ का मुद्दा सम्मेलन के महत्वपूर्ण विषयों में शामिल रहा।
AI सहयोग बढ़ाने पर भी जोर
शी जिनपिंग ने BRICS देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने नई तकनीक का इस्तेमाल करते हुए औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए एक पहल का प्रस्ताव रखा।
उनके मुताबिक, AI आने वाले समय में आर्थिक विकास और औद्योगिक बदलाव का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। ऐसे में BRICS देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाकर इसका लाभ साझा तौर पर उठाया जा सकता है।
सात साल बाद भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति
शी जिनपिंग करीब सात साल के अंतराल के बाद भारत पहुंचे हैं। इससे पहले वह अक्टूबर 2019 में भारत आए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच चेन्नई के पास महाबलीपुरम में अनौपचारिक मुलाकात हुई थी।
अब BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात को भी काफी अहम माना जा रहा है। जिनपिंग ने यह भी कहा कि चीन अगले साल BRICS की अध्यक्षता संभालेगा और 19वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इससे आने वाले वर्ष में समूह के एजेंडे और गतिविधियों में चीन की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।

