5 Sep 2026, Sat

हाईराइज बिल्डिंग vs मोहल्ले में रहना…कहां रहना सबसे बेस्ट है? शख्स ने Video शेयर कर बताई कड़वी सच्चाई

आज के दौर में शहरों में ऊंची-ऊंची हाईराइज बिल्डिंग और लग्जरी सोसाइटियां तेजी से बढ़ रही हैं। इन सोसाइटियों में आधुनिक सुविधाएं, पार्क, सिक्योरिटी, जिम, स्विमिंग पूल और खूबसूरत नजारे लोगों को आकर्षित करते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक शख्स ने हाईराइज सोसाइटियों और पुराने मोहल्लों की जिंदगी के बीच अंतर बताते हुए एक अलग पहलू सामने रखा है। उसका कहना है कि सुविधाओं से भरी जिंदगी के बावजूद हाईराइज सोसाइटियों में पड़ोसियों के बीच पहले जैसा अपनापन और आपसी सहयोग देखने को नहीं मिलता।

हाईराइज सोसाइटी की चमक पर उठाया सवाल

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में अभय नाम का शख्स ऊंची इमारतों की ओर इशारा करते हुए दिखाई देता है। वह कहता है कि इन बिल्डिंगों और उनके आसपास बने खूबसूरत पार्कों को देखकर लोगों को लगता है कि ऐसी जगह रहना बेहद शानदार होगा। लेकिन उसके मुताबिक, इन इमारतों की चमक-दमक के पीछे सामाजिक जीवन की एक अलग तस्वीर भी है।

शख्स का कहना है कि हाईराइज में एक ही फ्लोर पर रहने वाले लोगों के बीच भी कई बार गहरा परिचय नहीं होता। पड़ोसी आसपास रहते हुए भी एक-दूसरे की जिंदगी से अनजान रहते हैं।

मुसीबत के समय पड़ोसियों की मदद पर सवाल

वीडियो में शख्स ने सबसे ज्यादा जोर मुश्किल समय में मिलने वाली मदद पर दिया। उसका कहना है कि अगर किसी फ्लैट में कोई गंभीर परेशानी हो जाए या किसी परिवार पर मुसीबत आ जाए, तो जरूरी नहीं कि आसपास रहने वाले लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचें।

उसके मुताबिक, आधुनिक सोसाइटियों में लोग अपने-अपने काम और निजी जिंदगी में इतने व्यस्त रहते हैं कि पड़ोसी से नियमित बातचीत तक नहीं हो पाती। ऐसे में एक ही बिल्डिंग में रहने के बावजूद लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव कम हो सकता है।

पुराने मोहल्लों की जिंदगी को बताया अलग

हाईराइज की तुलना करते हुए शख्स ने पुराने मोहल्लों और कॉलोनियों का उदाहरण दिया। उसका कहना है कि पारंपरिक मोहल्लों में लोगों के बीच रिश्ते ज्यादा मजबूत होते थे। किसी परिवार के घर परेशानी आने पर आसपास रहने वाले लोग बिना ज्यादा औपचारिकता के मदद के लिए पहुंच जाते थे।

बीमारी, शादी, अंतिम संस्कार या किसी अन्य मुश्किल परिस्थिति में पड़ोसी एक-दूसरे के साथ खड़े रहते थे। यही वजह है कि मोहल्ले में रहने वाले लोगों के बीच केवल पड़ोसी का नहीं, बल्कि परिवार जैसा रिश्ता भी बन जाता था।

सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा

वीडियो वायरल होने के बाद इस मुद्दे पर सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने शख्स की बात से सहमति जताई और कहा कि आधुनिक सोसाइटियों में सुविधाएं तो बहुत हैं, लेकिन पड़ोसियों के बीच व्यक्तिगत जुड़ाव कम महसूस होता है।

वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि हाईराइज सोसाइटी में भी मजबूत कम्युनिटी बनाई जा सकती है, अगर लोग एक-दूसरे से बातचीत करें और जरूरत के समय साथ खड़े हों।

दरअसल, यह वीडियो केवल हाईराइज और मोहल्ले की तुलना नहीं करता, बल्कि बदलती शहरी जिंदगी में पड़ोसी और समुदाय के रिश्तों पर भी सवाल खड़ा करता है। आधुनिक सुविधाओं के साथ इंसानी जुड़ाव बनाए रखना आज के शहरों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनता जा रहा है।

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