5 Sep 2026, Sat

भारतीय दवा कंपनी को अमेरिका में ‘मोडाफिनिल’ बेचने की मिली मंजूरी, जानें किस समस्या के लिए इस्तेमाल होती है दवाई

भारतीय फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ल्यूपिन लिमिटेड को अमेरिकी बाजार में बड़ी कामयाबी मिली है। कंपनी को अमेरिका में मोडाफिनिल टैबलेट की बिक्री के लिए मंजूरी मिल गई है। यह दवा उन वयस्क मरीजों में जागने की क्षमता बेहतर करने के लिए इस्तेमाल की जाती है, जिन्हें अत्यधिक नींद आने की समस्या होती है। कंपनी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

कंपनी के मुताबिक, अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक ने मोडाफिनिल टैबलेट यूएसपी की 100 मिलीग्राम और 200 मिलीग्राम क्षमता को मंजूरी दी है। यह दवा एक पहले से स्वीकृत ब्रांडेड दवा के समान असर वाली यानी बायोइक्विवेलेंट है। अमेरिकी बाजार में इस दवा की मांग को देखते हुए मंजूरी को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

किन मरीजों के लिए इस्तेमाल होती है मोडाफिनिल?

मोडाफिनिल का इस्तेमाल मुख्य रूप से अत्यधिक नींद आने से जुड़ी कुछ स्थितियों में जागने की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह नार्कोलेप्सी से पीड़ित वयस्क मरीजों में दिन के समय अत्यधिक नींद को नियंत्रित करने में उपयोग की जाती है।

इसके अलावा ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से जुड़े अत्यधिक नींद आने के लक्षणों और शिफ्ट वर्क डिसऑर्डर से संबंधित नींद की समस्या में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, किसी भी दवा की तरह इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह और निर्धारित खुराक के अनुसार किया जाना जरूरी है।

अमेरिकी बाजार में कितना बड़ा है कारोबार?

जुलाई 2026 तक के बाजार आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में मोडाफिनिल टैबलेट की अनुमानित सालाना बिक्री करीब 70.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर रही थी। ऐसे में इस दवा के लिए अमेरिकी बाजार में कंपनी के सामने कारोबार बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मौजूद है।

अमेरिकी बाजार फार्मा कंपनियों के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक माना जाता है। वहां किसी दवा को नियामकीय मंजूरी मिलना कंपनी के लिए व्यावसायिक विस्तार के लिहाज से अहम उपलब्धि होती है।

100 से ज्यादा बाजारों में मौजूद है कंपनी

ल्यूपिन लिमिटेड की दुनियाभर के 100 से ज्यादा बाजारों में मौजूदगी है। कंपनी के पास वर्तमान में 15 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। कंपनी लंबे समय से विभिन्न प्रकार की जेनेरिक दवाओं के निर्माण और वैश्विक बाजार में उनकी आपूर्ति पर ध्यान देती रही है।

मोडाफिनिल की अमेरिकी मंजूरी से कंपनी के पोर्टफोलियो में एक और महत्वपूर्ण उत्पाद जुड़ गया है। इससे अमेरिकी बाजार में कंपनी की मौजूदगी को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

शेयर बाजार में दिखी हल्की गिरावट

मंजूरी की खबर के बावजूद शुक्रवार के कारोबार में कंपनी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई पर शेयर 24 रुपये यानी 1.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,111 रुपये के भाव पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर 2,149.75 रुपये के ऊपरी स्तर और 2,104.40 रुपये के निचले स्तर तक गया।

कंपनी के शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 2,530 रुपये और निचला स्तर 1,900.30 रुपये रहा है। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 96,528.82 करोड़ रुपये है। अमेरिकी बाजार में नई दवा की बिक्री शुरू होने के बाद अब निवेशकों की नजर इसके संभावित कारोबारी असर पर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *