भारतीय क्रिकेट में उम्र से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने एक साथ 64 खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इन खिलाड़ियों पर उम्र से संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने के आरोप सामने आए हैं। इस कार्रवाई की जद में 2022 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके रवि कुमार का नाम भी शामिल है। इसके अलावा आगामी अंडर-19 मुकाबलों के लिए चुने गए लेग स्पिनर रोहित यादव पर भी दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है।
दस्तावेजों की जांच में सामने आई गड़बड़ी
उम्र संबंधी अनियमितताओं का मामला खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आया। बंगाल में नए घरेलू सत्र से पहले खिलाड़ियों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इसी प्रक्रिया में कई खिलाड़ियों की जन्मतिथि से जुड़े रिकॉर्ड में अंतर पाया गया।
इसके बाद संबंधित खिलाड़ियों के दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई और उम्र में गड़बड़ी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रतिबंध का फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होने की जानकारी दी गई है। इस संबंध में संबंधित राज्य इकाइयों को भी जानकारी भेजी गई है।
रोहित यादव की उम्र में 27 महीने का अंतर
कार्रवाई की सूची में रोहित यादव का नाम भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके रिकॉर्ड में करीब 27 महीने का अंतर पाया गया है। रोहित को हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के खिलाफ प्रस्तावित सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया था।
उम्र संबंधी रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आने के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। उन पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है। रोहित ने आयु वर्ग की क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया है और उन्हें आगामी मुकाबलों के लिए टीम में जगह मिली थी।
रवि कुमार के रिकॉर्ड में 45 महीने का अंतर
2022 की अंडर-19 विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे रवि कुमार का नाम भी प्रतिबंधित खिलाड़ियों की सूची में है। उनके मामले में उम्र से जुड़े रिकॉर्ड में करीब 45 महीने का अंतर सामने आने की जानकारी दी गई है।
रवि कुमार बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के तौर पर उस टीम का हिस्सा रहे थे जिसने अंडर-19 विश्व कप अपने नाम किया था। उनके अलावा बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर विशाल भट्टी का नाम भी इस कार्रवाई में शामिल बताया गया है।
जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक रिकॉर्ड की होती है जांच
आयु वर्ग की क्रिकेट में खिलाड़ियों की उम्र की पुष्टि के लिए कई दस्तावेजों की जांच की जाती है। इसमें जन्म प्रमाण पत्र के साथ स्कूल और कॉलेज से जुड़े शैक्षणिक रिकॉर्ड भी शामिल होते हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर खिलाड़ी की वास्तविक जन्मतिथि की पुष्टि की जाती है।
64 खिलाड़ियों पर हुई कार्रवाई को उम्र संबंधी रिकॉर्ड की व्यापक जांच का हिस्सा माना जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य आयु वर्ग की क्रिकेट में उम्र से जुड़ी अनियमितताओं पर रोक लगाना है, ताकि प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को उनकी वास्तविक उम्र के आधार पर ही मौका मिले।
उम्र में गड़बड़ी से जुड़े मामलों में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों पर कार्रवाई से साफ है कि संबंधित संस्था आयु वर्ग की क्रिकेट में दस्तावेजों की जांच और नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ा रही है।

