बिहार में लगातार हो रही बारिश और सोन नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रोहतास जिले के निचले और नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने और बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
50 से ज्यादा घरों में घुसा पानी
तिलौथू प्रखंड कार्यालय के आसपास स्थित एक गांव में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर गया। बताया जा रहा है कि करीब 50 घर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि 30 से अधिक मकान पानी में डूबे हुए हैं। अचानक घरों में पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई परिवारों को पूरी रात अपने घरों में फंसे रहना पड़ा।
बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने के कारण लोगों के सामने जान बचाने के साथ-साथ घर में रखा जरूरी सामान सुरक्षित रखने की भी चुनौती खड़ी हो गई। कई परिवारों ने किसी तरह जरूरी सामान इकट्ठा किया और सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने की कोशिश की।
नाव की मदद से 100 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
हालात बिगड़ने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से नाव की व्यवस्था की गई। इसके जरिए करीब 100 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाके से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। रेस्क्यू किए गए लोगों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल रहे। कुछ ग्रामीण अपने पालतू पशुओं को भी साथ लेकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आसपास के इलाकों से आने वाले पानी और सोन नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण कई गांवों में बाढ़ की स्थिति पैदा हुई है। प्रभावित क्षेत्र में पानी लगातार फैल रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है।
राहत और प्रशासनिक मदद को लेकर नाराजगी
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी जताई है। उनका कहना है कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद प्रभावित इलाकों में समय पर पर्याप्त मदद नहीं पहुंच पाई। ग्रामीणों को तत्काल नाव, राहत सामग्री और सुरक्षित ठिकानों की जरूरत है।
लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी और माइकिंग की व्यवस्था की गई, लेकिन प्रभावित परिवारों का कहना है कि केवल चेतावनी से उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। बाढ़ के पानी में जहरीले सांप और दूसरे जीव-जंतुओं के आने का खतरा भी बना हुआ है।
कई गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी
मुख्य प्रभावित गांव के अलावा आसपास के कई अन्य गांवों में भी पानी घुसने की सूचना है। खेतों में खड़ी धान की फसल पानी में डूब गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। लगातार बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण आने वाले समय में स्थिति और बिगड़ने की चिंता बनी हुई है।
सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों के बीच भी डर का माहौल है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द पर्याप्त नाव, राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बाढ़ के बीच फंसे परिवारों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

