27 Aug 2026, Thu

‘सावधान… ख़तरें में है आपकी जान!”, गंगा एक्सप्रेसवे पर आई दरारों को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्नाव के पास एक्सप्रेसवे के उस हिस्से में नई दरारें दिखाई दी हैं, जहां पहले मिट्टी धंसने और कटाव की समस्या सामने आई थी। बताया जा रहा है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए पैचवर्क किया गया था, लेकिन भारी बारिश के बाद उसी मरम्मत किए गए हिस्से में दोबारा दरारें नजर आने लगीं। घटना के बाद एक्सप्रेसवे की मजबूती और बारिश के दौरान इसकी क्षमता को लेकर चिंता बढ़ गई है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब करीब एक सप्ताह पहले गंगा एक्सप्रेसवे के एक अन्य हिस्से में भारी बारिश के बाद लगभग 10 मीटर गहरा गड्ढा बनने की खबर सामने आई थी। लगातार बारिश के बीच एक्सप्रेसवे पर सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।

पैचवर्क वाली जगह पर फिर दिखीं दरारें

जानकारी के मुताबिक, उन्नाव के पास एक्सप्रेसवे के जिस हिस्से में दरारें दिखाई दी हैं, वहां पहले मिट्टी धंसने और कटाव की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद संबंधित एजेंसियों की ओर से क्षतिग्रस्त हिस्से पर पैचवर्क कर मरम्मत की गई थी।

हालांकि, बारिश के बाद मरम्मत वाले हिस्से में फिर से दरारें दिखाई देने लगीं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सड़क की सतह पर कई जगहों पर लंबी और अनियमित दरारें नजर आ रही हैं। इन तस्वीरों और वीडियो को लेकर लोग एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।

भारी बारिश बनी बड़ी चुनौती

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की प्रमुख सड़क परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में बारिश के दौरान सड़क की मजबूती और जल निकासी व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। लगातार बारिश के कारण मिट्टी में नमी बढ़ने और पानी के बहाव से सड़क के नीचे की जमीन प्रभावित होने की आशंका रहती है।

हालांकि, सामने आई दरारों की वास्तविक वजह क्या है, इसका आधिकारिक तकनीकी आकलन सामने आना अभी बाकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि दरारें केवल सतही स्तर पर हैं या सड़क की संरचना पर भी इसका असर पड़ा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना

मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक्सप्रेसवे का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “सावधान… खतरे में है आपकी जान! ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ पर नदी की धाराओं की तरह दिख रहीं ये अनगिनत दरारें… भाजपा के भ्रष्टाचार की गवाही दे रहीं हैं।”

अखिलेश यादव के इस बयान के बाद मामला राजनीतिक बहस का हिस्सा भी बन गया है। विपक्ष सड़क निर्माण की गुणवत्ता और सरकारी निगरानी पर सवाल उठा रहा है।

जांच के बाद साफ होगी दरारों की असली वजह

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पैचवर्क के बावजूद सड़क पर दोबारा दरारें क्यों आईं। क्या इसकी वजह लगातार हुई भारी बारिश है, मिट्टी का कटाव है या फिर निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता में कोई कमी रह गई है? इसका जवाब तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा।

एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित हिस्से की निगरानी और समय पर जरूरी मरम्मत बेहद अहम है। अधिकारियों की ओर से मामले की जांच और सड़क की स्थिति का आकलन किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एक्सप्रेसवे को किसी बड़े संरचनात्मक खतरे का सामना है या नहीं।

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