27 Aug 2026, Thu

नेपाल फ्लैश फ्लड में 160 से ज्यादा मौतें, 750 से ज्यादा लोग लापता, हेल्पलाइन नंबर जारी

नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से 160 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। आपदा के बाद नेपाल में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। कई इलाकों में सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि बाढ़ के तेज बहाव से गांवों और कस्बों में भारी नुकसान हुआ है। इस बीच नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

तिब्बत से शुरू हुई बाढ़ ने मचाई तबाही

बताया जा रहा है कि अचानक आई बाढ़ का असर नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में सबसे ज्यादा देखने को मिला। भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का बहाव बढ़ने के बाद रसुवा और धाडिंग जिलों के कई हिस्से प्रभावित हुए। बाढ़ का पानी इतनी तेजी से आगे बढ़ा कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोग जान बचाने के लिए भागते नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ ही पलों में मलबे के साथ आया तेज पानी आसपास के इलाकों को अपनी चपेट में लेता दिखाई देता है।

बाढ़ के कारण कई महत्वपूर्ण पुल बह गए हैं। इसके अलावा करीब एक दर्जन हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने के कारण राहत एवं बचाव दलों के सामने भी मुश्किलें बनी हुई हैं।

भूकंप के बाद आई बाढ़?

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि तिब्बत क्षेत्र में सुबह करीब 8:37 बजे स्थानीय समय पर भूकंप आया था। इसके करीब तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ की सूचना मिली। इस घटनाक्रम को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के झटकों के कारण ग्लेशियर या ऊपरी इलाके में जमा पानी के अचानक टूटने से बाढ़ आई हो सकती है।

नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, नेपाल-तिब्बत सीमा पर लहेंडे नदी में चट्टानों के खिसकने और पानी के उफान से स्थिति बिगड़ी। इसके बाद तिमुरे इलाके में भोटेकोशी और आगे त्रिशूली नदी प्रणाली में तेज बाढ़ का असर देखा गया।

130 से ज्यादा भारतीय लापता

इस प्राकृतिक आपदा के बीच 130 से ज्यादा भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। इनमें बड़ी संख्या में वे लोग शामिल हैं जो मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल के रास्ते गए थे। कई भारतीय नागरिक अलग-अलग स्थानों पर फंसे होने की भी जानकारी सामने आई है।

भारतीय दूतावास और कई राज्य सरकारों ने प्रभावित भारतीयों तथा उनके परिजनों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की ओर से भी संपर्क और सहायता के प्रयास किए जा रहे हैं। एक ट्रैवल एजेंसी के अनुसार, कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों में शामिल थे।

चीन में भी जान-माल का नुकसान

बाढ़ का असर चीन की सीमा वाले हिस्से में भी देखने को मिला है। रिपोर्टों के मुताबिक, चीनी क्षेत्र में भी लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल और चीन दोनों तरफ राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों को तलाशना और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाना है। लगातार बदलते मौसम और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों के बीच राहत एजेंसियां बचाव अभियान में जुटी हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और लापता लोगों की तलाश करना है।

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