24 Aug 2026, Mon

13 गेंदों के सस्पेंस के बाद आया ध्रुव जुरेल का शतक, ड्रेसिंग रूम में हसंते-हंसते लोटपोट हुए कप्तान गिल

कोलंबो: भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक लगाकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। कोलंबो के एसएससी मैदान पर जुरेल ने 171 गेंदों में अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक पूरा किया। हालांकि, उनकी सेंचुरी जितनी शानदार रही, उतना ही दिलचस्प रहा 99 से 100 रन तक पहुंचने का सफर। जुरेल को अपना शतक पूरा करने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

भारत की पहली पारी में जुरेल ने मुश्किल परिस्थितियों में अहम पारी खेली और टीम के स्कोर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके शतक से पहले देवदत्त पडिक्कल ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए सेंचुरी पूरी की। इस तरह भारत की पहली पारी में दो बल्लेबाजों ने शतक जड़कर श्रीलंका के सामने बड़ा स्कोर खड़ा करने की नींव रखी।

99 रन पर अटक गए थे ध्रुव जुरेल

ध्रुव जुरेल जब 99 रन के स्कोर पर पहुंचे तो उनके सामने सिर्फ एक रन की दूरी थी। आमतौर पर बल्लेबाज इस स्थिति में शतक पूरा करने के लिए काफी उत्साहित नजर आता है, लेकिन जुरेल को एक रन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। उन्होंने 99 से 100 रन तक पहुंचने के लिए लगातार 13 गेंदों का सामना किया।

इस दौरान जुरेल ने कई गेंदों को धैर्य के साथ खेला और जल्दबाजी में कोई जोखिम नहीं उठाया। शतक के करीब पहुंचने के बाद उनके धैर्य की कड़ी परीक्षा हुई। आखिरकार उन्होंने जरूरी एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया और राहत की सांस ली।

2007 के बाद इस मामले में तीसरे नंबर पर

आंकड़ों के मुताबिक, 2007 के बाद टेस्ट क्रिकेट में किसी भारतीय बल्लेबाज को 99 से 100 रन तक पहुंचने के लिए इससे ज्यादा गेंदें केवल दो मौकों पर लगी हैं। इस सूची में आर अश्विन सबसे ऊपर हैं, जिन्होंने 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ग्रोस आइलेट टेस्ट में 99 से 100 तक पहुंचने के लिए 15 गेंदें खेली थीं।

इसके बाद मुरली विजय का नंबर आता है। उन्होंने 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में 14 गेंदों में 99 से 100 रन पूरे किए थे। अब ध्रुव जुरेल 13 गेंदों के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

सचिन और लक्ष्मण से आगे निकले जुरेल

ध्रुव जुरेल ने इस मामले में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण को भी पीछे छोड़ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने 2008 में 99 से 100 रन तक पहुंचने के लिए 12-12 गेंदों का सामना किया था। सचिन ने नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, जबकि लक्ष्मण ने दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी।

जुरेल के शतक का ड्रेसिंग रूम में दिखा असर

जुरेल के 99 रन पर रुकने का असर भारतीय ड्रेसिंग रूम में भी देखने को मिला। लगातार डॉट गेंदें खेलते हुए जुरेल को देखकर कप्तान शुभमन गिल और टीम के अन्य खिलाड़ी मुस्कुराते नजर आए। ड्रेसिंग रूम में बैठे खिलाड़ी बेसब्री से उनके शतक का इंतजार कर रहे थे।

आखिरकार जुरेल ने एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया तो भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। जुरेल की इस पारी ने न सिर्फ टीम को मजबूती दी, बल्कि एक बार फिर साबित किया कि वह टेस्ट क्रिकेट में दबाव की परिस्थितियों में धैर्य के साथ बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं।

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