नई दिल्ली: गेहूं के कारोबार से जुड़े व्यापारियों, किसानों और निर्यातकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने गेहूं के निर्यात पर लगी पाबंदी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इसके साथ ही गेहूं से बने प्रमुख उत्पादों जैसे आटा, मैदा और सूजी के विदेश निर्यात को भी ‘फ्री’ कैटेगरी में शामिल कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से भारतीय निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं और उससे जुड़े उत्पाद भेजने का रास्ता आसान होगा।
वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने सोमवार को इस संबंध में दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं। इन अधिसूचनाओं के जरिए गेहूं और संबंधित उत्पादों की निर्यात नीति में बदलाव किया गया है। अब संबंधित HS Codes के तहत आने वाले उत्पादों का निर्यात प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं रहेगा।
गेहूं के एक्सपोर्ट पर लगी रोक हटी
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक गेहूं की निर्यात नीति को ‘निषिद्ध’ से बदलकर ‘फ्री’ कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब संबंधित नियमों के तहत कारोबारी गेहूं को विदेशी बाजारों में भेज सकेंगे। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
इस फैसले को गेहूं के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। निर्यात के रास्ते खुलने से भारतीय व्यापारियों को वैश्विक बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
ड्यूरम गेहूं का निर्यात भी हुआ आसान
सरकार ने अपने फैसले में ड्यूरम गेहूं को भी शामिल किया है। ITC (HS) Code 10011900 के तहत आने वाले ड्यूरम गेहूं और ITC (HS) Code 10019910 के तहत आने वाले गेहूं की निर्यात नीति में बदलाव किया गया है।
पहले इन श्रेणियों के गेहूं को विदेश भेजने पर प्रतिबंध था। अब इन दोनों कैटेगरी को ‘फ्री’ एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत रखा गया है। इससे संबंधित निर्यातकों को विदेशी बाजारों में कारोबार करने में आसानी होगी।
आटा, मैदा और सूजी का एक्सपोर्ट भी फ्री
केंद्र सरकार ने गेहूं के साथ-साथ उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। अलग अधिसूचना के जरिए आटा, मैदा, सूजी (रवा), होलमील आटा और अन्य संबंधित उत्पादों को भी ‘फ्री’ एक्सपोर्ट कैटेगरी में डाल दिया गया है।
ITC (HS) Code 11010000 के तहत आने वाले इन उत्पादों के निर्यात पर पहले प्रतिबंध लागू था। अब कारोबारी इन्हें विदेशी बाजारों में भेज सकेंगे।
कारोबारियों और निर्यातकों को मिल सकता है फायदा
सरकार के इस फैसले से गेहूं और उससे जुड़े उत्पादों के कारोबार में शामिल निर्यातकों को नए बाजार तलाशने का मौका मिलेगा। विदेशी बाजार में मांग बढ़ने की स्थिति में भारतीय कंपनियां गेहूं, आटा, मैदा और सूजी का निर्यात बढ़ा सकती हैं।
हालांकि, इस फैसले का घरेलू बाजार पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में साफ होगा। गेहूं की उपलब्धता, घरेलू कीमतों और उत्पादन की स्थिति पर भी बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल सरकार के फैसले से निर्यात क्षेत्र को निश्चित तौर पर बड़ी राहत मिली है और भारतीय गेहूं कारोबार के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर खुलने की उम्मीद बढ़ गई है।

