लखनऊ में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए और इसके लिए व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाना जरूरी है।
सर्वोदय विद्यालयों के संचालन में होगा बदलाव
मुख्यमंत्री ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के संचालन में व्यापक सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने विद्यालयों के लिए एक स्पष्ट और सुस्पष्ट नियमावली तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों के बेहतर प्रबंधन और संचालन के लिए सोसाइटी के गठन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कुल 93 सर्वोदय विद्यालय संचालित थे। वर्ष 2025-26 तक इनकी संख्या बढ़कर 103 हो गई है। इनमें 59 विद्यालय सीबीएसई और 44 विद्यालय यूपी बोर्ड से संबद्ध हैं।
सीएम योगी ने कहा कि इन आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की पढ़ाई और रहने से जुड़ी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने शिक्षकों के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया को तेज करने और विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार अन्य जरूरी स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वृद्धजनों को समय से मिले पेंशन
मुख्यमंत्री ने वृद्धावस्था पेंशन योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे पात्र वृद्धजन, जिन्हें अभी तक पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है, उनके आवेदनों का सत्यापन जल्द पूरा कराया जाए। पात्र लोगों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और आवेदन से लेकर पेंशन स्वीकृति तक की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या वर्ष 2017-18 में 37.47 लाख थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 67.50 लाख हो चुकी है। फिलहाल करीब 11.50 लाख नए आवेदन लंबित बताए गए हैं।
अभ्युदय योजना पर भी सीएम योगी का जोर
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की समीक्षा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजना में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए और अनुभवी शिक्षकों व विशेषज्ञों का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में 163 केंद्रों के माध्यम से संचालित हो रही है। इन केंद्रों पर 1,783 इम्पैनल्ड शिक्षक जुड़े हैं और यूपीएससी, पीसीएस, नीट, जेईई, एनडीए तथा सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 23,801 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
2 अक्टूबर तक छात्रवृत्ति देने का लक्ष्य
छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा करते हुए सीएम योगी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को समय पर छात्रवृत्ति मिले। उन्होंने पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वंचित विद्यार्थियों के लिए आवेदन पोर्टल दोबारा खोलने और 2 अक्टूबर तक छात्रवृत्ति की धनराशि ट्रांसफर करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि विभिन्न कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित करीब 3.16 लाख विद्यार्थियों को दोबारा आवेदन का अवसर दिया जा रहा है। इनमें सरकारी, अनुदानित और निजी संस्थानों के विद्यार्थी शामिल हैं। सीएम योगी ने अधिकारियों को तकनीकी और प्रक्रियागत समस्याओं का जल्द समाधान करने को कहा, ताकि किसी भी पात्र विद्यार्थी को सरकारी योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो।

