मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी इन दिनों अपनी फिल्म ‘आवारापन 2’ की सफलता का आनंद ले रहे हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है और दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। हालांकि, अभिनेता के जीवन में एक ऐसा दौर भी आया था, जब उनके लिए फिल्मी करियर और सफलता से ज्यादा महत्वपूर्ण उनके बेटे अयान की जिंदगी थी। हाल ही में एक पॉडकास्ट में इमरान हाशमी ने बेटे के कैंसर के इलाज और उस दौरान परिवार द्वारा झेले गए करीब पांच साल के मुश्किल संघर्ष को याद किया।
एक लंच डेट ने बदल दी जिंदगी
इमरान ने रणवीर इलाहाबादिया के पॉडकास्ट में बताया कि जनवरी 2014 में एक सामान्य पारिवारिक लंच के दौरान अचानक सब कुछ बदल गया। उस समय उनका बेटा अयान करीब तीन साल और 11 महीने का था। इमरान बेटे के साथ पिज्जा खा रहे थे, तभी अयान ने वॉशरूम जाने की बात कही। वहां उसके पेशाब में खून दिखाई दिया।
इमरान के मुताबिक, इससे पहले अयान में ऐसी कोई स्पष्ट समस्या या चेतावनी के संकेत नजर नहीं आए थे। घटना के कुछ ही घंटों के भीतर परिवार डॉक्टर के पास पहुंचा। जांच के बाद उन्हें पता चला कि अयान को कैंसर है। महज कुछ घंटों में परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल गई।
अयान को था विल्म्स ट्यूमर
जांच में सामने आया कि अयान विल्म्स ट्यूमर से पीड़ित था, जो बच्चों में होने वाला किडनी कैंसर का एक प्रकार है। इमरान के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी। उन्होंने बताया कि उस समय सबसे बड़ी चुनौती खुद को संभालना और अपने छोटे बेटे के सामने मजबूत बने रहना था।
अभिनेता ने अपने अनुभव को याद करते हुए बताया कि यह उनके लिए महज जिंदगी में आया कोई छोटा झटका नहीं था। उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह किसी मजबूत कंक्रीट की दीवार से टकरा गए हों। एक तरफ बेटे की बीमारी का डर था, वहीं दूसरी तरफ इलाज की लंबी प्रक्रिया और परिवार को मानसिक रूप से मजबूत रखने की जिम्मेदारी थी।
पांच साल तक चला मुश्किल दौर
अयान के इलाज के दौरान इमरान और उनका परिवार लंबे समय तक मुश्किल परिस्थितियों से गुजरता रहा। इलाज, सर्जरी और कीमोथेरेपी के बीच अभिनेता ने अपने बेटे का हर कदम पर साथ दिया। इस पूरे अनुभव ने इमरान की जिंदगी और सोचने के नजरिए को बदल दिया।
इमरान ने अपनी इस पूरी यात्रा को किताब ‘द किस ऑफ लाइफ: हाउ ए सुपरहीरो एंड माय सोन डिफीटेड कैंसर’ में भी साझा किया है। इस किताब के जरिए उन्होंने बताया कि किस तरह एक पिता अपने बच्चे की गंभीर बीमारी के दौरान उम्मीद और हिम्मत बनाए रख सकता है।
आज अयान स्वस्थ है और इमरान अपने बेटे के साथ इस मुश्किल दौर से बाहर निकल चुके हैं। अभिनेता के लिए यह अनुभव जिंदगी का ऐसा अध्याय रहा, जिसने उन्हें सिखाया कि परिवार और अपनों की सेहत से बढ़कर दुनिया में कुछ भी नहीं है।

