महाराष्ट्र के नागपुर में 16 वर्षीय किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म और बंधक बनाने के मामले में गिरफ्तार आरोपी की जेल के अंदर की गतिविधियां चर्चा का विषय बन गई हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है और हिरासत के दौरान पिज्जा, गद्देदार बिस्तर और मच्छर भगाने वाली मशीन जैसी सुविधाओं की मांग कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जेल में कैदियों की उचित और कानूनी मांगों पर विचार किया जाता है, लेकिन इस तरह की विशेष सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी एक 20 वर्षीय बीबीए छात्र है, जिसने कथित तौर पर फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर नाबालिग लड़की से संपर्क किया था। जांच में सामने आया है कि उसने ‘आकाश मेहरा’ नाम से सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाई और उसी के जरिए किशोरी से दोस्ती की।
पूछताछ में नहीं कर रहा सहयोग
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लगातार जांच में बाधा डालने की कोशिश कर रहा है। उसने अपने मोबाइल फोन और पीड़िता के फोन का पासवर्ड बताने से इनकार कर दिया। इसके अलावा मेडिकल परीक्षण कराने से भी मना कर दिया था। पुलिस का कहना है कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई गई।
आरोपी ने पुलिस पर अपने जूते और चश्मे छीनने के आरोप भी लगाए हैं। इतना ही नहीं, उसने पुलिस पर 70 हजार रुपये चोरी करने का आरोप भी लगाया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी स्वयं को चोट पहुंचाने की कोशिश कर रहा है ताकि पुलिस के खिलाफ मामला बनाने की कोशिश की जा सके।
24 घंटे तक होटल में बंधक रखने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने पहले किशोरी की निजी तस्वीरें हासिल कीं और फिर उन्हें आधार बनाकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करना शुरू किया। इसी कारण पीड़िता लंबे समय तक चुप रही।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपी ने किशोरी को करीब 24 घंटे तक एक होटल में बंधक बनाकर रखा। पीड़िता के परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस होटल पहुंची। अधिकारियों के अनुसार, जब पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो किशोरी बिस्तर से बंधी हुई थी और आरोपी उसके पास बेल्ट लेकर खड़ा था। इसके बाद पीड़िता को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पॉक्सो और अपहरण की धाराओं में मामला दर्ज
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी निर्भय पाखरे के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, अपहरण और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और चैट रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
यह मामला नागपुर में गंभीर आपराधिक जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

