ग्रेटर नोएडा पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे पर चांदी व्यापारी से हुई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लूट का बड़ा खुलासा करते हुए पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। थाना बीटा-2 पुलिस, एसओजी ग्रेटर नोएडा और थाना ईकोटेक-1 की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से लूटा गया शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है। बरामद सामान में भारी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण, चांदी के बिस्किट और अन्य कीमती धातुएं शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह वारदात 4-5 अगस्त 2026 की रात थाना बीटा-2 क्षेत्र के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई थी। दिल्ली के एक ज्वेलर के मुनीम और कर्मचारी सोने-चांदी के आभूषण लेकर जा रहे थे, तभी कार सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और हथियारों के बल पर कीमती सामान लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ितों को मौके पर छोड़ दिया गया था।
पांच विशेष टीमों का किया गया गठन
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पांच विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच की कमान वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बदमाशों तक पहुंचने की रणनीति तैयार की गई।
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी रवि शंकर निम ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में करीब 2,000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक्सप्रेसवे, टोल प्लाजा, सर्विस रोड और आसपास के इलाकों के कैमरों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इसके साथ ही मोबाइल लोकेशन, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी इनपुट का भी सहारा लिया गया।
तकनीकी जांच से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस को संदिग्ध वाहनों और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन सुरागों के आधार पर संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया पूरा माल बरामद कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, बरामदगी में सोने की अंगूठियां, चांदी के बिस्किट, चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान शामिल है। इस बरामदगी के साथ पुलिस ने मामले को पूरी तरह सुलझाने का दावा किया है।
संगठित गिरोह के एंगल की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इस वारदात की योजना कैसे बनाई और उन्हें व्यापारी की आवाजाही की जानकारी किस माध्यम से मिली। जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या इस लूट के पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय था या आरोपियों को किसी अंदरूनी व्यक्ति से सूचना मिली थी।
गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वे पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं। साथ ही उनके अन्य साथियों की तलाश भी जारी है।
डीसीपी ने बताया कि इस मामले में तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और सर्विलांस की मदद से त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी। पुलिस ने दावा किया कि पीड़ितों का पूरा माल बरामद कर लिया गया है और सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

