5 Aug 2026, Wed

अजीत अगरकर के नाम है अनोखा टेस्ट रिकॉर्ड, लगातार 5 बार शून्य पर हुए थे आउट

भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा मुख्य चयनकर्ता (चीफ सेलेक्टर) अजीत अगरकर अक्सर अपने फैसलों को लेकर चर्चा में रहते हैं। लेकिन उनके क्रिकेट करियर से जुड़ा एक ऐसा रिकॉर्ड भी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। अगरकर अपने करियर में एक समय लगातार पांच टेस्ट पारियों में शून्य पर आउट हुए थे, जो आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे अनोखे रिकॉर्ड में गिना जाता है।

तेज गेंदबाज के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले अगरकर बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने के लिए जाने जाते थे। हालांकि 1999-2000 के दौरान उनके करियर में एक ऐसा दौर आया, जब उनका बल्ला पूरी तरह खामोश रहा।

1998 में किया था अंतरराष्ट्रीय डेब्यू

अजीत अगरकर ने 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। उस समय भारतीय टीम की कप्तानी मोहम्मद अजहरुद्दीन कर रहे थे। उसी साल अक्टूबर में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी डेब्यू किया और जल्द ही भारतीय टीम के नियमित तेज गेंदबाजों में शामिल हो गए।

लेकिन 1999 के अंत में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान उनके नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हुआ, जिसे वे शायद कभी याद नहीं करना चाहेंगे।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लगातार पांच ‘डक’

दिसंबर 1999 में भारत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर था। एडीलेड टेस्ट में अगरकर पहली पारी में शून्य पर आउट हुए।

इसके बाद मेलबर्न टेस्ट में वे दोनों पारियों में बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।

फिर सिडनी टेस्ट में भी उनकी दोनों पारियां शून्य पर समाप्त हुईं।

इस तरह 10 दिसंबर 1999 से 2 जनवरी 2000 के बीच अगरकर लगातार पांच टेस्ट पारियों में एक भी रन नहीं बना पाए। यह सिलसिला भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक दुर्लभ रिकॉर्ड बन गया।

भारत के लिए अब तक अनोखा रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट में पंकज रॉय, रमाकांत देसाई और जसप्रीत बुमराह भी लगातार चार टेस्ट पारियों में शून्य पर आउट हुए हैं, लेकिन लगातार पांच टेस्ट पारियों में शून्य पर आउट होने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी अजीत अगरकर हैं

टेस्ट क्रिकेट के पूरे इतिहास में भी ऐसे केवल तीन खिलाड़ी हुए हैं, जो लगातार पांच पारियों में बिना रन बनाए आउट हुए।

इस सूची में शामिल हैं:

  • अजीत अगरकर (भारत)
  • बॉब हॉलैंड (ऑस्ट्रेलिया)
  • मोहम्मद आसिफ (पाकिस्तान)

यानी अगरकर का यह रिकॉर्ड केवल भारतीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट में भी बेहद दुर्लभ माना जाता है।

शानदार रहा अंतरराष्ट्रीय करियर

इस रिकॉर्ड के बावजूद अगरकर का अंतरराष्ट्रीय करियर सफल माना जाता है। उन्होंने भारत के लिए:

  • 23 टेस्ट मैच
  • 191 वनडे मैच
  • 4 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच

खेले।

वनडे क्रिकेट में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से कई यादगार प्रदर्शन किए। अगरकर लंबे समय तक भारत के प्रमुख सीम गेंदबाजों में शामिल रहे और कई महत्वपूर्ण जीत में योगदान दिया।

आज हैं टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अजीत अगरकर प्रशासनिक भूमिका में आए और आज वे बीसीसीआई की चयन समिति के अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में चयन समिति कई बड़े फैसले ले चुकी है, जिनमें कप्तानी और टीम चयन से जुड़े निर्णय भी शामिल हैं।

हालांकि उनके क्रिकेट करियर का यह रिकॉर्ड आज भी चर्चा का विषय बन जाता है। यह दिखाता है कि महान खिलाड़ियों के करियर में भी कठिन दौर आते हैं, लेकिन वही खिलाड़ी बाद में भारतीय क्रिकेट की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अजीत अगरकर का यह अनोखा टेस्ट रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट इतिहास के उन दुर्लभ अध्यायों में शामिल है, जिसे क्रिकेट प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे।

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