28 Jul 2026, Tue

‘मैंने अपने पिता की मौत प्लान की’, ‘लॉक अप’ में राम कपूर का सनसनीखेज खुलासा, मां-बहन ने 5 साल से तोड़ा नाता

मुंबई: रियलिटी शो ‘लॉक अप’ अपने फिनाले वीक में पहुंच चुका है और प्रतियोगी अब अपनी जिंदगी के सबसे गहरे राज दर्शकों के सामने रख रहे हैं। हाल ही में प्रसारित एक एपिसोड में अभिनेता राम कपूर ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा ऐसा भावुक किस्सा साझा किया, जिसने शो में मौजूद सभी प्रतियोगियों और दर्शकों को भावुक कर दिया। राम ने बताया कि उन्होंने अपने कैंसर से जूझ रहे पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने में उनका साथ दिया था। इसी फैसले के बाद उनकी मां और बहन पिछले पांच साल से उनसे नाराज हैं और उनसे कोई बातचीत नहीं करतीं।

एलिमिनेशन टास्क में सामने आया निजी राज

एपिसोड के दौरान प्रतियोगी हर्षद चोपड़ा ने एलिमिनेशन टास्क के तहत राम कपूर का एक निजी राज उजागर करने का फैसला किया। इसके बाद राम ने खुद पूरी घटना बताते हुए कहा कि यह उनकी जिंदगी का सबसे कठिन फैसला था, लेकिन उन्होंने वही किया जो उनके पिता चाहते थे।

राम कपूर ने बताया कि जब उनके पिता 63 वर्ष के थे, तब उन्हें पैंक्रियाटिक कैंसर का पता चला था। लंबी कीमोथेरेपी के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और उन्होंने अगले करीब दस साल सामान्य जीवन जिया। हालांकि, 73 वर्ष की उम्र में कोरोना महामारी के दौरान कैंसर दोबारा लौट आया।

इलाज नहीं, शांति से विदा होना चाहते थे पिता

राम के मुताबिक, उनके पिता का इलाज सिंगापुर में चल रहा था। डॉक्टरों ने दोबारा कीमोथेरेपी कराने की सलाह दी, लेकिन उनके पिता अब और दर्द सहने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने राम कपूर से फोन पर बात करते हुए कहा कि वे बिना किसी अतिरिक्त इलाज के शांति से अपनी जिंदगी का अंत चाहते हैं।

राम ने बताया कि उनके पिता ने उनसे वादा लिया था कि वह यह बात परिवार के किसी अन्य सदस्य को नहीं बताएंगे। उन्होंने इच्छा जताई कि अंतिम समय में राम उनके साथ रहें और उनका हाथ थामे रखें। राम ने अपने पिता की इस आखिरी इच्छा का सम्मान किया और उनके अंतिम क्षणों तक उनके साथ रहे।

इस फैसले ने परिवार में पैदा कर दी दूरी

राम कपूर ने कहा कि उनके इस फैसले को उनकी मां और बहन कभी स्वीकार नहीं कर सकीं। उनका मानना था कि इलाज जारी रहना चाहिए था, जबकि राम ने अपने पिता की इच्छा का सम्मान किया। इसी वजह से पिछले पांच वर्षों से उनकी मां और बहन उनसे बात नहीं कर रही हैं।

राम ने भावुक होते हुए कहा कि किसी भी संतान के लिए अपने माता-पिता की अंतिम इच्छा का सम्मान करना सबसे बड़ा कर्तव्य होता है। उन्होंने माना कि इस फैसले की कीमत उन्हें अपने परिवार से दूरी के रूप में चुकानी पड़ी, लेकिन उन्हें इस बात का संतोष है कि उन्होंने अपने पिता की इच्छा पूरी की।

जीवन को देखने का नजरिया बदला

राम कपूर ने यह भी कहा कि इस घटना ने उनकी जिंदगी को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने महसूस किया कि मृत्यु जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है और उससे डरने के बजाय जीवन को पूरी तरह जीना चाहिए। पिता के निधन के बाद उन्होंने हर पल को बेहतर तरीके से जीने की कोशिश शुरू की।

उनकी यह भावुक कहानी सुनकर शो में मौजूद कई प्रतियोगी भावुक हो गए। अभिनेता हर्षद चोपड़ा ने भी अपनी मां को कैंसर के कारण खोने का दर्द साझा किया। इसके बाद घर के सभी सदस्यों ने राम कपूर को गले लगाकर उनका हौसला बढ़ाया।

नोट: यह जानकारी रियलिटी शो ‘लॉक अप’ में राम कपूर द्वारा साझा किए गए व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। उनके बयान स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए जा सकते और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

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