तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय शुक्रवार को करूर पहुंचे, जहां उन्होंने पिछले साल चुनावी कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला करूर दौरा था। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे और मृतकों की याद में करूर में एक स्मारक बनाने का ऐलान किया।
करूर पहुंचने के बाद सीएम विजय ने करीब 10 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग उन्हें देखने पहुंचे। इसके बाद एटलस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की। कार्यक्रम में 32 पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए गए। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने 1700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली प्रस्तावित नॉन-लेदर यूनिट की आधारशिला भी रखी।
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम विजय भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जीवन में कोई व्यक्ति कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए, लेकिन कुछ दर्द और घाव ऐसे होते हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। विजय ने करूर भगदड़ को अपने जीवन का सबसे दर्दनाक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की जान जाने का दर्द किसी भी सफलता से कम नहीं किया जा सकता।
सीएम विजय ने हादसे से पहले की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनका राज्यव्यापी “जनता सम्मेलन” कार्यक्रम आम लोगों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए आयोजित किया गया था। उनके मुताबिक, पेरंबालूर में भीड़ की आशंका के कारण पुलिस ने कार्यक्रम रद्द करने की सलाह दी थी, लेकिन करूर में भारी भीड़ के बावजूद कार्यक्रम से पहले ऐसी कोई चेतावनी नहीं दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नमक्कल में बैठक के बाद जब उनका काफिला करूर की ओर जा रहा था, तब स्थानीय पुलिस प्रशासन उन्हें भीड़ की स्थिति के बारे में जानकारी दे सकता था। अगर पुलिस को लगता था कि भीड़ को संभालना मुश्किल होगा, तो कार्यक्रम रद्द किया जा सकता था। विजय ने कहा कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर भरोसा किया था और उस दिन उनका धन्यवाद भी किया था, लेकिन उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि ऐसी दुखद घटना हो जाएगी।
विजय ने घटना की जिम्मेदारी को लेकर पिछली सरकार और प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इतनी बड़ी भीड़ के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था क्यों नहीं की गई और आखिर इसके लिए आदेश किस स्तर से दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इस हादसे में बच्चों सहित कई निर्दोष लोगों की मौत ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।
पीड़ितों की याद में स्मारक बनाने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि करूर की यह घटना आने वाली पीढ़ियों को याद रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मारक का उद्देश्य मृतकों को श्रद्धांजलि देना और ऐसी त्रासदियों से सबक लेने का संदेश देना है।
करूर भगदड़ मामला अब भी जांच और राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री विजय का यह दौरा भावनात्मक होने के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है।

