9 Jul 2026, Thu

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में अरमान की उलझन देख घबराई अभिरा, मायरा और मुक्ति में हुई बहस

 

टीवी का पॉपुलर शो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ इन दिनों अपने इमोशनल और फैमिली ड्रामा से दर्शकों का खूब ध्यान खींच रहा है। शो के अपकमिंग एपिसोड में एक बार फिर पोद्दार परिवार, अभिरा और अरमान की जिंदगी में बड़े मोड़ देखने को मिलेंगे। सर्जरी के बाद अरमान की हालत धीरे-धीरे बेहतर हो रही है, लेकिन उसके मन में चल रही उलझन अब अभिरा की चिंता बढ़ाने वाली है।

आने वाले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अभिरा पूरी शिद्दत से अरमान की देखभाल कर रही है। अरमान के ठीक होने की उम्मीद ने अभिरा को राहत तो दी है, लेकिन उसकी चुप्पी और बेचैनी उसे अंदर ही अंदर परेशान कर रही है। अभिरा को डर है कि कहीं अरमान अब भी पोद्दार परिवार को माफ करने के लिए तैयार न हो। अरमान की खराब हालत और उसकी मानसिक उलझन अभिरा के लिए एक नई चुनौती बनती नजर आएगी।

इसी बीच पोद्दार परिवार में ‘सावन मिलनी’ त्योहार मनाने की तैयारी शुरू होती है। कावेरी चाहती हैं कि अब जब पूरा परिवार एक साथ है और अरमान की हालत भी पहले से बेहतर है, तो सभी मिलकर इस त्योहार को खुशी से मनाएं। परिवार को उम्मीद है कि इस मौके से रिश्तों में आई दूरियां कम हो सकती हैं। हालांकि, विद्या को इस बात की चिंता है कि अरमान इस फैसले के लिए राजी होगा या नहीं, क्योंकि उसने अभी तक परिवार को पूरी तरह माफ नहीं किया है।

दूसरी ओर, शो में मायरा और मुक्ति के रिश्ते में भी तनाव देखने को मिलेगा। दोनों के बीच अचानक तीखी बहस हो जाती है। मायरा अभिरा के घर वापस जाने की जिद करती है, क्योंकि उसे लगता है कि अरमान अब लगभग ठीक हो चुका है। वहीं मुक्ति का मानना है कि अरमान की हालत अभी भी नाजुक है और ऐसे समय में परिवार से नफरत पालना सही नहीं है।

मायरा गुस्से में मुक्ति को याद दिलाती है कि पोद्दार परिवार ने अरमान पर भरोसा नहीं किया था और उन्हें घर से निकाल दिया था। वह सवाल करती है कि इतनी बड़ी बात के बाद मुक्ति सुलह के बारे में कैसे सोच सकती है। इस पर मुक्ति कहती है कि वह अतीत को भूली नहीं है, लेकिन अरमान के ठीक होने के दौरान अभिरा का साथ देना भी जरूरी था।

वहीं अरमान की चुप्पी अभिरा को और ज्यादा परेशान कर देती है। बहस के बाद अरमान अभिरा से कहता है कि वह बाहर जाना चाहता है, लेकिन उसे घुटन महसूस हो रही है। अभिरा उस पर किसी तरह का दबाव नहीं डालती और उसे अपने हिसाब से फैसला लेने का वक्त देती है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि अरमान पोद्दार परिवार को माफ कर पाएगा या नहीं और क्या सावन मिलनी का त्योहार टूटे रिश्तों को फिर से जोड़ पाएगा।

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