ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई के दौरान देश के विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर घालीबाफ भावुक हो गए। समारोह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों वरिष्ठ नेताओं को आंसू पोंछते और अपनी भावनाओं पर काबू पाने की कोशिश करते देखा जा सकता है।
तेहरान: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई के लिए कई दिनों तक चलने वाले राजकीय और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राजधानी तेहरान में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह के दौरान हजारों लोग खामेनेई को अंतिम सम्मान देने पहुंचे। इसी बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर घालीबाफ का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।
वीडियो में दोनों नेता शोक समारोह के दौरान अपने आंसू रोकने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। वरिष्ठ नेताओं के भावुक होने का यह दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा में बना हुआ है। अंतिम विदाई कार्यक्रम के दौरान धार्मिक प्रार्थनाएं की गईं और लोगों ने खामेनेई के नेतृत्व तथा उनके राजनीतिक जीवन को याद किया।
कई दिनों तक चलेंगे अंतिम विदाई के कार्यक्रम
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अयातुल्ला खामेनेई की अंतिम विदाई से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई 2026 तक चलेंगे। तेहरान के बाद ईरान के धार्मिक शहर कोम और इराक के नजफ तथा कर्बला में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। इसके बाद 9 जुलाई को खामेनेई को उनके गृहनगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए समारोह स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से निर्धारित समय के बाद ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने और सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रतिबंध लगाने के साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
कई देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल
खामेनेई की अंतिम विदाई में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, सैन्य अधिकारी, धार्मिक नेता और सरकार के वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए। रूस, चीन, पाकिस्तान, इराक, तुर्की और अन्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भी श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त सैयद अता हसनैन को अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भेजा गया।
लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना
ईरानी प्रशासन को उम्मीद है कि कई शहरों में होने वाले अंतिम विदाई कार्यक्रमों में लाखों लोग शामिल हो सकते हैं। तेहरान में खामेनेई के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। इसके बाद अंतिम यात्रा अलग-अलग धार्मिक शहरों से गुजरते हुए मशहद पहुंचेगी।
साल 1989 में ईरान के पहले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी की अंतिम यात्रा में भी लाखों लोग शामिल हुए थे। उस समय भारी भीड़ के कारण अव्यवस्था और भगदड़ की घटनाएं सामने आई थीं। पुराने अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन भीड़ प्रबंधन, पानी, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहा है।
खामेनेई की अंतिम विदाई को ईरान के हालिया इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक शोक कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है। विदेश मंत्री और संसद अध्यक्ष के भावुक होने के वीडियो ने समारोह के गंभीर और भावनात्मक माहौल को और अधिक गहरा कर दिया है।

