पेरिस: मध्य पूर्व में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा को देखते हुए फ्रांस ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास अपने माइन काउंटरमेजर संसाधनों को तैनात कर दिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के अनुसार, इस अभियान में दो माइनहंटर जहाज, दो फ्रिगेट और एक समुद्री गश्ती विमान शामिल हैं। इन संसाधनों का उद्देश्य समुद्री माइंस के खतरे से निपटना, व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और होर्मुज से सामान्य नौवहन बहाल करने में सहयोग देना है।
ब्रिटेन और फ्रांस ने 3 जुलाई को जारी संयुक्त बयान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को वैश्विक अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा बताया। दोनों देशों ने कहा कि दुनिया के सभी देशों के जहाजों के लिए इस समुद्री रास्ते पर सुरक्षित आवागमन बहाल करना अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय है। संयुक्त बयान के मुताबिक, ओमान भी अपने क्षेत्रीय समुद्री जल को नौवहन के लिए सुरक्षित बनाने में ब्रिटेन और फ्रांस के साथ काम करने पर सहमत हो गया है।
दो माइनहंटर और दो फ्रिगेट तैनात
मैक्रों ने बताया कि फ्रांस के दो विशेष माइनहंटर जहाजों के साथ दो फ्रिगेट और एक समुद्री गश्ती विमान क्षेत्र में मौजूद रहेंगे। ये सैन्य संसाधन सहयोगी देशों के साथ मिलकर समुद्री रास्ते की निगरानी और संभावित माइंस को हटाने का काम करेंगे। फ्रांस ने साफ किया है कि उसका अभियान रक्षात्मक प्रकृति का है और इसका प्रमुख उद्देश्य व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना है।
इस बीच फ्रांस का परमाणु ऊर्जा से संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर ‘चार्ल्स डी गॉल’ अपने घरेलू बंदरगाह टूलॉन लौट रहा है। हालांकि, माइन काउंटरमेजर संसाधन और उनकी सुरक्षा के लिए तैनात युद्धपोत क्षेत्र में बने रहेंगे। फ्रांस ने कहा कि हालात और सुरक्षा आवश्यकताओं के आधार पर उसकी सैन्य तैनाती में आगे भी बदलाव किया जा सकता है।
अमेरिका-ईरान समझौते को बताया अहम कदम
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्वतंत्र नौवहन की पुष्टि की गई है। फ्रांस सहित कई देशों ने होर्मुज को बिना शर्त खोलने और सभी देशों के व्यापारिक जहाजों को निर्बाध आवागमन की सुविधा देने का समर्थन किया है।
फ्रांस और ओमान ने भी समुद्री सुरक्षा, निगरानी तथा व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के अनुसार होर्मुज में स्वतंत्र और बिना प्रतिबंध वाले नौवहन का समर्थन करते हुए संयुक्त रूप से माइंस हटाने की कार्रवाई में सहयोग की बात कही है।
मल्टीनेशनल मिलिट्री मिशन के लिए तैयार
ब्रिटेन और फ्रांस ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापक बहुराष्ट्रीय सैन्य मिशन तैनात किया जा सकता है। प्रस्तावित मिशन व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देने, जहाजरानी कंपनियों का भरोसा बढ़ाने और समुद्री माइंस हटाने पर केंद्रित होगा। यह अभियान सुरक्षा परिस्थितियां अनुकूल होने पर ही शुरू होगा और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संचालित किया जाएगा।
दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता, सभी देशों की संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

