29 Jun 2026, Mon

IIM छोड़ हीरो बने अविनाश वाधवन, शाहरुख-अजय से थे आगे, एक गलती से बर्बाद हुआ चमकता करियर, अब हुए गुमनाम

90 के दशक की शुरुआत में बॉलीवुड में कई नए चेहरों ने एंट्री की, लेकिन कुछ सितारे ऐसे भी रहे जिनकी चमक बहुत जल्दी फीकी पड़ गई। इन्हीं नामों में शामिल हैं अभिनेता अविनाश वाधवन, जिन्हें कभी इंडस्ट्री का अगला सुपरस्टार माना जा रहा था। एक समय ऐसा था जब उनके पास उन फिल्मों के ऑफर थे, जिन्होंने बाद में शाहरुख खान, अजय देवगन और अक्षय कुमार जैसे सितारों को सुपरस्टार बना दिया। हालांकि, निजी जिंदगी की परेशानियों और कुछ गलत फैसलों ने उनके करियर की दिशा बदल दी।

इंजीनियरिंग से मॉडलिंग तक का सफर

अविनाश वाधवन का फिल्मी दुनिया में आना किसी सपने की तरह नहीं, बल्कि एक संयोग था। फिल्मों में आने से पहले वह पढ़ाई में बेहद होनहार छात्र थे। उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग से अपनी पढ़ाई पूरी की थी और आगे एमबीए करने की योजना बना रहे थे। बताया जाता है कि उनका चयन आईआईएम लखनऊ में भी हो गया था, लेकिन उन्होंने मुंबई के जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट को चुना।

इसी दौरान एक मशहूर फैशन डिजाइनर की नजर उन पर पड़ी और उन्हें मॉडलिंग का ऑफर मिला। मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखते ही अविनाश को जबरदस्त सफलता मिली। महज एक साल के भीतर उन्होंने 67 से ज्यादा विज्ञापनों और फैशन शोज में काम किया। बढ़ती व्यस्तता के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी।

‘आई मिलन की रात’ ने बनाया स्टार

अविनाश ने 80 के दशक के अंत में फिल्मों में कदम रखा, लेकिन उन्हें असली पहचान साल 1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘आई मिलन की रात’ से मिली। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और अविनाश रातों-रात स्टार बन गए।

फिल्म की सफलता के बाद उन्होंने लगातार 17 से 18 फिल्मों में काम किया। ‘बलमा’, ‘जुनून’, ‘दिल की बाजी’, ‘गीत’ और ‘पापी गुड़िया’ जैसी फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री के व्यस्त अभिनेताओं की सूची में शामिल कर दिया। उन्होंने उस दौर की लोकप्रिय अभिनेत्रियों दिव्या भारती, जूही चावला, जेबा बख्तियार और ममता कुलकर्णी के साथ स्क्रीन साझा की।

उस समय निर्माता और निर्देशक उन्हें एक भरोसेमंद हीरो के रूप में देखते थे और माना जा रहा था कि वह बॉलीवुड के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं।

निजी जिंदगी की परेशानियों ने बदली किस्मत

जब अविनाश का करियर सफलता की ऊंचाइयों पर था, उसी दौरान उनकी निजी जिंदगी में उथल-पुथल शुरू हो गई। साल 1990 में शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बाद उनके जीवन में कई चुनौतियां सामने आईं।

साल 2024 में दिए एक इंटरव्यू में अविनाश ने स्वीकार किया कि निजी समस्याओं को अपने प्रोफेशनल जीवन पर हावी होने देना उनकी सबसे बड़ी गलती थी। उन्होंने बताया कि वह एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में विदेश गए और फिर लंबे समय तक भारत वापस नहीं लौटे। इस दौरान वह वैंकूवर और लॉस एंजिल्स में रहे।

मुंबई से लंबे समय तक दूर रहने के कारण उनका फिल्म इंडस्ट्री से संपर्क धीरे-धीरे खत्म हो गया। इसी बीच बॉलीवुड में प्रतिस्पर्धा बढ़ती गई और नए कलाकारों ने अपनी जगह बना ली।

ठुकराईं कई सुपरहिट फिल्में

अविनाश वाधवन ने अपने इंटरव्यू में यह भी खुलासा किया कि कई बड़ी फिल्में पहले उन्हें ऑफर हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि अजय देवगन की डेब्यू फिल्म ‘फूल और कांटे’ सबसे पहले उन्हें ऑफर की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे नहीं किया। बाद में यह फिल्म अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी हिट साबित हुई।

इसके अलावा, फिल्म ‘दीवाना’ में भी उन्हें एक भूमिका की पेशकश हुई थी, जिसे बाद में शाहरुख खान ने निभाया और यह फिल्म उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव बन गई। अविनाश ने बताया कि उस समय वह केवल सोलो हीरो वाली फिल्में करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने कई मल्टीस्टारर फिल्मों को मना कर दिया।

आज अविनाश वाधवन बड़े पर्दे से लगभग दूर हैं। हालांकि, वह समय-समय पर कुछ टीवी और ओटीटी प्रोजेक्ट्स में नजर आते रहते हैं। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि बॉलीवुड में प्रतिभा के साथ सही फैसले और लगातार मौजूदगी भी सफलता के लिए बेहद जरूरी होती है।

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