देश में परिवहन और मोबिलिटी क्षेत्र में एक नई शुरुआत होने जा रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर से देश की पहली सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
गौरतलब है कि ‘भारत टैक्सी’ का सॉफ्ट लॉन्च दिसंबर 2025 में किया गया था। अब इसे बड़े स्तर पर शुरू किया जा रहा है, जिससे टैक्सी चालकों और यात्रियों दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है। यह सेवा सहकारिता के सिद्धांतों पर आधारित है और इसका उद्देश्य टैक्सी चालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
गुजरात के 14 शहरों में शुरू होगी सेवा
प्रारंभिक चरण में ‘भारत टैक्सी’ सेवा अहमदाबाद, सूरत, द्वारका, वडोदरा, राजकोट, सोमनाथ, वलसाड, आनंद, जामनगर, भावनगर, नडियाद, जूनागढ़, मेहसाणा और अमरेली सहित राज्य के 14 प्रमुख शहरों में उपलब्ध होगी। सरकार का लक्ष्य अगले एक महीने के भीतर पूरे गुजरात में इस सेवा का विस्तार करना है।
1.5 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़े
सहकारिता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले गुजरात ने ‘भारत टैक्सी’ के विस्तार में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देशभर में इस प्लेटफॉर्म से करीब 7 लाख सारथी यानी ड्राइवर जुड़े हैं, जिनमें से 1.5 लाख से अधिक केवल गुजरात से हैं। वहीं, देशभर में 37 लाख से ज्यादा ग्राहक अब तक ‘भारत टैक्सी’ की सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं।
जीरो-कमीशन मॉडल पर आधारित है प्लेटफॉर्म
‘भारत टैक्सी’ की सबसे बड़ी खासियत इसका जीरो-कमीशन मॉडल है। वर्तमान में कई निजी कैब एग्रीगेटर कंपनियां ड्राइवरों से कमीशन लेती हैं, जिससे उनकी आय प्रभावित होती है। लेकिन ‘भारत टैक्सी’ में कमाई का अधिकतम हिस्सा सीधे ड्राइवरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
यह प्लेटफॉर्म भारत टैक्सी को बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत किया गया है और इसकी स्थापना 6 जून 2025 को की गई थी। इसके अंतर्गत ड्राइवरों को केवल आय ही नहीं, बल्कि बीमा, ऋण, पेंशन और विभिन्न सरकारी सामाजिक योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।
‘सारथी ही मालिक’ की अवधारणा
‘भारत टैक्सी’ सहकारिता के सिद्धांतों पर आधारित एक डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जो ‘सारथी ही मालिक’ की अवधारणा को साकार करता है। इस मॉडल में टैक्सी चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म के सहभागी और मालिक भी होते हैं। इससे उन्हें आर्थिक स्वामित्व, सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थिरता का लाभ मिलेगा।
ग्राहकों के लिए भी यह सेवा कई सुविधाएं लेकर आई है। सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल, सुरक्षित यात्रा और बाइक, ऑटो व कैब जैसे विभिन्न परिवहन विकल्पों की उपलब्धता इसे अन्य सेवाओं से अलग बनाती है। साथ ही, गुजरात पुलिस के सहयोग से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

