एक शख्स के ट्रेन यात्रा से जुड़े बुरे अनुभव ने सोशल मीडिया पर रेलवे व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एसी 2 टियर का कन्फर्म टिकट होने के बावजूद वह अपने परिवार के साथ ट्रेन में सवार नहीं हो सका। घटना का वीडियो और उसकी आपबीती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजी से वायरल हो रही है। यात्री ने आरोप लगाया है कि ट्रेन के दरवाजों पर भारी भीड़ और अव्यवस्था के कारण वह अपने परिवार के साथ ट्रेन में प्रवेश ही नहीं कर पाया।
कन्फर्म टिकट के बावजूद छूटी यात्रा
राहुल कुमार पांडे नाम के यात्री ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि यह घटना पाटलिपुत्र जंक्शन पर ट्रेन संख्या 12488 सीमांचल एक्सप्रेस में हुई। राहुल के अनुसार उन्होंने एसी 2 टियर कोच का कन्फर्म टिकट लिया था और समय से स्टेशन भी पहुंच गए थे। इसके बावजूद वे अपने परिवार के साथ ट्रेन में नहीं चढ़ सके।
राहुल ने पोस्ट में लिखा कि ट्रेन के एसी कोचों के दरवाजों पर बड़ी संख्या में छात्र और अन्य यात्री कब्जा जमाए हुए थे। हालात ऐसे थे कि कोच के दरवाजे तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ए2 कोच का दरवाजा समय पर नहीं खोला गया, जिससे अफरा-तफरी और बढ़ गई।
एक साल के बच्चे के साथ झेलनी पड़ी परेशानी
यात्री ने बताया कि वह अपने परिवार और एक साल के बच्चे के साथ यात्रा कर रहा था। भारी भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच बच्चा लगातार रोता रहा। परिवार को काफी मानसिक तनाव और असुविधा का सामना करना पड़ा।
राहुल का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर स्थिति पूरी तरह बेकाबू थी, लेकिन मौके पर मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे कर्मचारियों की ओर से कोई प्रभावी मदद नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यात्री कन्फर्म एसी टिकट के लिए अधिक किराया चुका रहे हैं, तो उन्हें सुरक्षित तरीके से अपने कोच तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यात्री ने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ और यात्रियों की परेशानी साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में कई लोग ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं, जबकि कोच के आसपास अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है।
वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों ने इसे भीड़ प्रबंधन की बड़ी विफलता बताया है, जबकि कई यात्रियों ने अपने समान अनुभव भी साझा किए हैं।
रिफंड और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद राहुल कुमार पांडे ने रेलवे से टिकट का पूरा रिफंड और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने टिकट डिपॉजिट रसीद (TDR) फाइल कर दी है और केंद्रीय जन शिकायत पोर्टल (CPGRAMS) के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई है।
अपने एक अन्य पोस्ट में राहुल ने कहा कि अब तक रेलवे की ओर से उनसे किसी भी अधिकारी ने संपर्क नहीं किया है। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि फिलहाल उन्हें सिर्फ रिफंड का इंतजार है, जबकि उनके परिवार को हुई परेशानी की भरपाई संभव नहीं है।
यह घटना एक बार फिर रेलवे में भीड़ प्रबंधन, यात्री सुरक्षा और कन्फर्म टिकट धारकों की सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

