13 Jun 2026, Sat

भारतीय पासपोर्ट में अशोक चिह्न के नीचे बॉक्स जैसा क्या बना होता है, कई लोग नहीं जानते; यूजर्स ने बताया

नई दिल्ली: भारतीय पासपोर्ट पर बने एक छोटे से आयताकार निशान को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) यूजर द्वारा अपने नए पासपोर्ट की तस्वीर साझा करने के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर पासपोर्ट के कवर पर अशोक चिह्न के नीचे बना यह छोटा सुनहरा आयताकार निशान क्या दर्शाता है। देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई और हजारों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

पोस्ट शेयर करने वाली यूजर ने बताया कि हाल ही में उन्होंने अपना पासपोर्ट रिन्यू कराया है। नया पासपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने देखा कि उसके कवर पर नीचे की ओर एक छोटा सा आयताकार प्रतीक बना हुआ है, जबकि उनके पुराने पासपोर्ट में ऐसा कोई निशान नहीं था। इस बदलाव ने उनकी जिज्ञासा बढ़ा दी और उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से इसकी जानकारी मांगी।

यूजर ने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने कुछ देर तक उस निशान को ध्यान से देखा और सोचती रहीं कि यह कोई नया सुरक्षा फीचर है, कोई ट्रैकिंग कोड है या फिर पासपोर्ट सत्यापन से जुड़ी कोई तकनीक। उन्होंने अन्य यूजर्स से पूछा कि आखिर इस छोटे से बॉक्स जैसे चिन्ह का वास्तविक उपयोग क्या है।

पोस्ट के वायरल होते ही कई जानकार यूजर्स ने इसके बारे में जानकारी साझा की। अधिकांश लोगों ने बताया कि यह निशान वास्तव में ई-पासपोर्ट (e-Passport) की पहचान है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, जिन पासपोर्टों में इलेक्ट्रॉनिक या बायोमेट्रिक चिप लगी होती है, उनके कवर पर ऐसा विशेष प्रतीक बनाया जाता है। यह प्रतीक दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाला मानक चिह्न है, जिससे पता चलता है कि पासपोर्ट में डिजिटल डेटा संग्रहित करने वाली चिप मौजूद है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ई-पासपोर्ट में लगी RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) चिप में पासपोर्ट धारक की महत्वपूर्ण जानकारी सुरक्षित रूप से स्टोर रहती है। इसमें नाम, जन्म तिथि, फोटो, पासपोर्ट नंबर और अन्य बायोमेट्रिक जानकारी शामिल हो सकती है। यह तकनीक पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय बनाती है।

कई यूजर्स ने यह भी बताया कि दुनिया के अनेक देशों में ई-पासपोर्ट का उपयोग पहले से किया जा रहा है और भारत भी धीरे-धीरे इस तकनीक को व्यापक स्तर पर लागू कर रहा है। ई-पासपोर्ट की मदद से इमिग्रेशन प्रक्रिया आसान होती है और फर्जी दस्तावेजों की संभावना भी कम हो जाती है। इसके अलावा, आधुनिक स्कैनिंग सिस्टम के जरिए पासपोर्ट की जानकारी तुरंत सत्यापित की जा सकती है।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि आने वाले वर्षों में पारंपरिक पासपोर्टों की जगह ई-पासपोर्ट पूरी तरह ले सकते हैं। हालांकि इस संबंध में सरकार की ओर से समय-समय पर चरणबद्ध विस्तार की योजना पर काम किया जा रहा है।

एक छोटे से निशान को लेकर शुरू हुई यह चर्चा अब लोगों के लिए एक नई जानकारी का माध्यम बन गई है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि डिजिटल तकनीक अब यात्रा दस्तावेजों को अधिक सुरक्षित और स्मार्ट बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। भारतीय पासपोर्ट पर बना यह छोटा आयताकार चिन्ह दरअसल आधुनिक और सुरक्षित ई-पासपोर्ट तकनीक का प्रतीक है, जो भविष्य की डिजिटल पहचान प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

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