नई दिल्ली: अगर आप टाटा मोटर्स की नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने अपनी पैसेंजर व्हीकल रेंज की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी के अनुसार, नई कीमतें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। इस बढ़ोतरी का असर इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) दोनों श्रेणियों की गाड़ियों पर पड़ेगा।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि कंपनी अपनी सभी पैसेंजर कारों की कीमतों में औसतन 1.5 प्रतिशत तक की वृद्धि करने जा रही है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती उत्पादन लागत और लगातार बढ़ रही महंगाई के दबाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
कंपनी के अनुसार, पिछले कुछ समय से कच्चे माल, लॉजिस्टिक्स और अन्य इनपुट लागतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि टाटा मोटर्स इन अतिरिक्त खर्चों का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है, लेकिन लागत के प्रभाव को पूरी तरह अपने ऊपर लेना संभव नहीं है। इसी वजह से कीमतों में सीमित बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है।
टाटा मोटर्स ने स्पष्ट किया है कि सभी मॉडलों और वेरिएंट्स पर कीमतों में बढ़ोतरी समान नहीं होगी। अलग-अलग गाड़ियों की लागत, फीचर्स और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कीमतों में अलग-अलग स्तर पर संशोधन किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि ग्राहकों को बेहतर मूल्य और गुणवत्ता प्रदान करने की प्रतिबद्धता बरकरार रहेगी।
गौरतलब है कि यह इस साल टाटा मोटर्स द्वारा की गई दूसरी बड़ी मूल्य वृद्धि है। इससे पहले कंपनी ने 1 अप्रैल 2026 को भी अपनी गाड़ियों की कीमतों में संशोधन किया था। लगातार बढ़ती लागत के कारण ऑटोमोबाइल कंपनियां समय-समय पर कीमतों में बदलाव कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में ऑटो सेक्टर में लागत संबंधी दबाव बना रह सकता है। इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले बैटरी कंपोनेंट्स और अन्य आयातित पुर्जों की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी कंपनियों की लागत को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में वाहन निर्माताओं के लिए कीमतों को स्थिर रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
टाटा मोटर्स से पहले देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी भी कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर चुकी है। कंपनी ने अपनी विभिन्न कारों की कीमतों में 30,000 रुपये तक की वृद्धि करने की घोषणा की थी। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि ऑटोमोबाइल उद्योग बढ़ती लागत के दबाव से जूझ रहा है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी का असर ग्राहकों की खरीदारी योजनाओं पर पड़ सकता है। हालांकि भारतीय बाजार में एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है, इसलिए कंपनियों को बिक्री पर बड़े असर की उम्मीद नहीं है।
जो ग्राहक टाटा पंच, नेक्सॉन, हैरियर, सफारी, टियागो, टिगोर या कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों को खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए 30 जून तक बुकिंग और खरीदारी करना फायदेमंद हो सकता है। 1 जुलाई के बाद नई कीमतें लागू होने के साथ इन मॉडलों के लिए ग्राहकों को अधिक राशि चुकानी पड़ सकती है।

