नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में वरिष्ठ पत्रकार, समाजसेवी और पूर्व सांसद स्वर्गीय अश्विनी कुमार चोपड़ा ‘मिन्ना’ की स्मृति में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दिल्ली के चर्चित ब्रिटानिया चौक का नाम बदलकर अब अश्विनी चोपड़ा (मिन्ना) चौक कर दिया गया है। इस अवसर पर आयोजित नामकरण समारोह में कई गणमान्य हस्तियों ने भाग लिया और अश्विनी चोपड़ा के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह के दौरान नेताओं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कहा कि अश्विनी चोपड़ा का जीवन पत्रकारिता, जनसेवा और सामाजिक मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। उनके सम्मान में चौक का नामकरण न केवल उनकी उपलब्धियों को याद रखने का माध्यम बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देगा।
इस मौके पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि अश्विनी चोपड़ा ने अपने लंबे पत्रकारिता जीवन में निष्पक्षता, निर्भीकता और राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने समाज के विभिन्न मुद्दों को मजबूती से उठाया और पत्रकारिता को जनहित से जोड़ने का प्रयास किया। यही कारण है कि उन्हें देशभर में एक साहसी और ईमानदार पत्रकार के रूप में पहचान मिली।
समारोह में इंडिया टीवी के एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने भी अश्विनी चोपड़ा को याद करते हुए उनके साथ बिताए गए अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि अश्विनी चोपड़ा देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत व्यक्तित्व थे और राष्ट्रहित के मुद्दों पर हमेशा बेबाकी से अपनी राय रखते थे। उन्होंने यह भी कहा कि चोपड़ा परिवार ने देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि अश्विनी चोपड़ा का जीवन केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं था। वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे और लोगों की समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करते रहे। बाद में राजनीति में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और जनता के प्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
अश्विनी कुमार चोपड़ा का जन्म 11 जून 1956 को पंजाब के जालंधर में हुआ था। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद मीडिया जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। वे लंबे समय तक पंजाब केसरी समूह से जुड़े रहे और प्रमुख संपादकीय जिम्मेदारियां संभालीं। अपनी निर्भीक लेखनी और स्पष्ट विचारों के कारण उन्होंने पत्रकारिता जगत में विशेष स्थान हासिल किया।
साल 2014 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और हरियाणा की करनाल लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। संसद में भी उन्होंने विभिन्न जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। जनवरी 2020 में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया था, लेकिन उनकी पत्रकारिता, सामाजिक सेवा और जनप्रतिबद्धता की विरासत आज भी लोगों को प्रेरित करती है।
ब्रिटानिया चौक का नाम बदलकर अश्विनी चोपड़ा (मिन्ना) चौक किए जाने को उनके योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम राजधानी की सांस्कृतिक और सामाजिक स्मृतियों में उनके नाम को स्थायी रूप से दर्ज करने का प्रयास माना जा रहा है।

