6 Aug 2026, Thu

उत्तराखंड के मसूरी में दर्दनाक हादसा: 500 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, 4 लोगों की मौत

उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी से बुधवार सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। पहाड़ों की रानी कहलाने वाली मसूरी के झड़ीपानी-कोलुखेत शॉर्टकट रोड पर एक कार अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, फायर सर्विस और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा

प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह कार का ब्रेक फेल होना बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 9:16 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि झड़ीपानी रोड पर एक कार गहरी खाई में गिर गई है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और बचाव एजेंसियां तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सफेद रंग की मारुति सिलेरियो कार सड़क किनारे स्थित एक दुकान के पास रुकी थी। कार में सवार लोग उत्तरकाशी से आने की बात कर रहे थे। दुकान से कुछ सामान खरीदने के बाद जैसे ही वे वाहन में बैठे, कार अचानक ढलान की ओर तेजी से लुढ़कने लगी। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन ब्रेक काम नहीं करने के कारण कार नियंत्रण से बाहर हो गई और सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी।

चार लोगों की हुई मौत

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार कार में कुल चार लोग सवार थे और सभी की इस हादसे में मौत हो गई। मृतकों की पहचान सत्यप्रकाश निवासी सोनीपत, मनीत (19 वर्ष), सविता (48 वर्ष) पत्नी धर्मवीर निवासी नेहरू नगर, गाजियाबाद तथा संगीता (46 वर्ष) पत्नी टीटू निवासी करोल बाग, दिल्ली के रूप में हुई है।

हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में बचाव दलों की मदद की।

रेस्क्यू ऑपरेशन में आई मुश्किलें

दुर्घटना स्थल बेहद दुर्गम क्षेत्र में स्थित है। खाई की गहराई लगभग 500 मीटर बताई जा रही है और वहां घनी झाड़ियां तथा पथरीला इलाका होने के कारण बचाव अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।

एसडीआरएफ, आईटीबीपी और फायर सर्विस की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद खाई में उतरकर राहत कार्य शुरू किया। बचाव दलों ने एक महिला का शव बाहर निकाल लिया, जबकि अन्य शवों को निकालने के लिए भी विशेष उपकरणों की मदद ली गई। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर अभियान जारी रखा।

हादसे ने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल

यह दुर्घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से पहले वाहनों की तकनीकी जांच, विशेष रूप से ब्रेक सिस्टम की जांच, बेहद जरूरी है।

मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर हर साल हजारों वाहन आते-जाते हैं। ऐसे में प्रशासन भी लगातार यात्रियों से सावधानी बरतने और वाहनों की नियमित जांच कराने की अपील करता रहा है।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

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