नई दिल्ली: आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई बड़े नेताओं के नामों पर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व विभिन्न राज्यों से राज्यसभा सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार-विमर्श कर रहा है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में कांग्रेस अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है।
कर्नाटक से खरगे और पवन खेड़ा की दावेदारी मजबूत
सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ नेता मंसूर अली खान और पवन खेड़ा के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पवन खेड़ा को लंबे समय से राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा चल रही थी और अब उनके नाम को लेकर पार्टी के भीतर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा में कांग्रेस को मजबूत और मुखर नेतृत्व की जरूरत है, ऐसे में खरगे और पवन खेड़ा जैसे नेताओं की मौजूदगी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी चर्चा
राजस्थान से मौजूदा राज्यसभा सांसद नीरज डांगी को एक बार फिर मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी उनके अनुभव और संगठन में योगदान को देखते हुए उन्हें दोबारा राज्यसभा भेज सकती है।
वहीं मध्य प्रदेश से कांग्रेस किसी महिला नेता को राज्यसभा भेजने पर भी विचार कर रही है। संभावित नामों में शोभा ओझा और मीनाक्षी नटराजन शामिल हैं। हालांकि राज्य के वरिष्ठ नेता कमलनाथ भी राज्यसभा जाने की इच्छा जता चुके हैं, जिससे समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।
तमिलनाडु में कांग्रेस के लिए खुला रास्ता
तमिलनाडु की राजनीति में भी कांग्रेस के लिए सकारात्मक स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली पार्टी ने राज्यसभा की एक रिक्त सीट अपने सहयोगी दल कांग्रेस को देने का निर्णय लिया है। इसके बाद कांग्रेस के रणनीतिकार प्रवीण चक्रवर्ती का नाम संभावित उम्मीदवार के रूप में तेजी से उभरा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस और टीवीके (TVK) के बीच गठबंधन को मजबूत बनाने में प्रवीण चक्रवर्ती की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसी वजह से उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।
यह सीट AIADMK नेता सी.वी. शनमुगम के विधानसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर 18 जून को उपचुनाव कराया जाएगा।
झारखंड में स्थानीय चेहरे पर जोर
झारखंड से कांग्रेस किसी स्थानीय नेता को मौका देने पर विचार कर रही है। हालांकि अभी तक किसी नाम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। पार्टी नेतृत्व क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहता है।
18 जून को होंगे चुनाव
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा की कुल 27 सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होंगे। इनमें 24 सीटें विभिन्न राज्यों से सांसदों के सेवानिवृत्त होने के कारण खाली हुई हैं, जबकि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा की तीन सीटों पर उपचुनाव कराया जाएगा।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को होगी, जबकि उम्मीदवार 11 जून तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान और मतगणना 18 जून को ही संपन्न होगी।
राज्यसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रहा मंथन अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जल्द ही पार्टी अपने उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर सकती है। राजनीतिक हलकों की नजर अब कांग्रेस की अंतिम सूची पर टिकी हुई है।

