26 May 2026, Tue

लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार! एक्सपायरी डे पर निफ्टी 24,000 के नीचे आया, जानें गिरावट की बड़ी वजह

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को निवेशकों को भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। पूरे कारोबारी सत्र के दौरान बाजार में अस्थिरता बनी रही और अंततः प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। मासिक फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) एक्सपायरी, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते बाजार पर दबाव बना रहा। दिन के अंत में सेंसेक्स 479 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया।

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 479.26 अंक या 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,009.70 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 118 अंक टूटकर 23,913.70 के स्तर पर आ गया। हालांकि, बड़ी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और कुछ क्षेत्रों में खरीदारी भी दर्ज की गई।

एक्सपायरी डे का दिखा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह मासिक F&O एक्सपायरी रही। एक्सपायरी के दौरान ट्रेडर्स अपने खुले सौदों को बंद या समायोजित करते हैं, जिससे बाजार में असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इस बार भी कई निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का रास्ता अपनाया, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ गया।

विश्लेषकों के अनुसार, बीते कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में अच्छी बढ़त देखने को मिली थी। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा बुक करना उचित समझा, जिसका सीधा असर सूचकांकों पर पड़ा।

इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट

निफ्टी के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स, भारती एयरटेल, टीसीएस, विप्रो और ट्रेंट शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा। दूसरी ओर, कुछ चुनिंदा शेयरों ने बाजार की कमजोरी के बावजूद मजबूती दिखाई। अदाणी एंटरप्राइजेज, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा और नेस्ले के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए और निवेशकों को राहत दी।

वैश्विक तनाव से बढ़ी चिंता

भारतीय बाजार पर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का भी असर देखने को मिला। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना था। हालांकि, नए घटनाक्रमों और राजनीतिक बयानों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जोखिम लेने से बचने की रणनीति अपनाई। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया और निवेशकों का रुझान सतर्क बना रहा।

बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर पर दबाव

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो एफएमसीजी और मेटल सेक्टर को छोड़कर अधिकांश सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। विशेष रूप से पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।

बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का असर सबसे ज्यादा रहा, क्योंकि निवेशक ब्याज दरों और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं रियल्टी सेक्टर में भी दबाव बना रहा, जिससे इस क्षेत्र की कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले कारोबारी सत्र बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के लिए 24,100 से 24,200 का स्तर अहम प्रतिरोध क्षेत्र माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस स्तर को पार करने में सफल रहता है तो बाजार में फिर से तेजी का माहौल बन सकता है।

हालांकि यदि निफ्टी 24,000 के नीचे ही बना रहता है तो कमजोरी और बढ़ सकती है तथा सूचकांक 23,800 के स्तर तक फिसल सकता है। निवेशकों को फिलहाल वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल है और निवेशक अगले कुछ दिनों में आने वाले संकेतों के आधार पर अपनी रणनीति तय करेंगे।

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