सोमवार को वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों ने भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी ला दी। निवेशकों का भरोसा बढ़ने के साथ ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मजबूत बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया।
दिनभर के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 1000 अंक की छलांग लगाते हुए 1073 अंकों की बढ़त के साथ 76,488 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 312 अंक चढ़कर 24,031 के स्तर पर पहुंच गया। कई दिनों बाद निफ्टी ने एक बार फिर 24,000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पार किया, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बन गया।
BSE Sensex और Nifty 50 में आई इस तेजी का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घटता तनाव माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों से निवेशकों को उम्मीद मिली कि वैश्विक अस्थिरता कम होगी, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट ने भी बाजार को मजबूती दी। ब्रेंट क्रूड 5 फीसदी से ज्यादा टूटकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। इससे भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के दबाव में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
सेक्टोरल फ्रंट पर भी हरियाली देखने को मिली। बैंकिंग, ऑटो, ऑयल एंड गैस, रियल्टी, मीडिया और एनर्जी इंडेक्स में करीब 1 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे व्यापक बाजार में भी मजबूती देखने को मिली।
निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में Eicher Motors, Larsen & Toubro, Bajaj Finance, Adani Enterprises और HDFC Bank शामिल रहे।
हालांकि कुछ दिग्गज शेयरों में हल्की कमजोरी भी देखने को मिली, जिनमें टीसीएस, ओएनजीसी, हिंडाल्को और बजाज ऑटो जैसे स्टॉक्स शामिल रहे।
करेंसी मार्केट में भी रुपये ने मजबूती दिखाई। डॉलर के मुकाबले रुपया 47 पैसे की बढ़त के साथ 95.23 के स्तर पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर, वैश्विक संकेतों, तेल कीमतों में गिरावट और निवेशकों की बढ़ी हुई खरीदारी के चलते सोमवार का सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद मजबूत और सकारात्मक साबित हुआ।

