देशभर में सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोमवार को भी Multi Commodity Exchange of India यानी MCX पर दोनों कीमती धातुओं के दामों में तेज हलचल दर्ज की गई। खासतौर पर चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली, जबकि सोना मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
सुबह करीब 10:24 बजे MCX पर 5 जून डिलीवरी वाला सोना 14 रुपये यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 1,58,561 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। वहीं 3 जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 1,086 रुपये यानी 0.40 प्रतिशत टूटकर 2,70,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में यह अस्थिरता सरकार द्वारा सोने और चांदी के आयात पर लगाई गई भारी इंपोर्ट ड्यूटी के बाद बढ़ी है। हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोगों से सोने की खरीदारी को लेकर सतर्क रहने की अपील की थी, जिसके बाद सरकार ने आयात शुल्क में बदलाव किया। इसका सीधा असर घरेलू बाजार और कमोडिटी एक्सचेंज पर देखने को मिल रहा है।
सोमवार को सोने की कीमत गिरावट के साथ खुली थी। 5 जून डिलीवरी वाला सोना 1,58,076 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को यह 1,58,547 रुपये पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,58,850 रुपये का इंट्राडे हाई और 1,57,547 रुपये का इंट्राडे लो भी छुआ। इससे साफ है कि बाजार में निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है।
दूसरी ओर चांदी की कीमतों में ज्यादा दबाव देखने को मिला। 3 जुलाई डिलीवरी वाली चांदी सोमवार को 2,67,400 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर खुली थी, जबकि शुक्रवार को यह 2,71,886 रुपये पर बंद हुई थी। दिन के कारोबार में चांदी ने 2,74,145 रुपये का उच्चतम स्तर और 2,64,949 रुपये का निचला स्तर छुआ।
सर्राफा बाजार में भी पिछले सप्ताह भारी गिरावट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 3,200 रुपये यानी करीब 1.93 प्रतिशत टूटकर 1,62,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं चांदी में और बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। चांदी का भाव 21,600 रुपये यानी करीब 7.3 प्रतिशत गिरकर 2,75,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की मांग में बदलाव का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है। इसके अलावा निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यदि वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ता है या डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। वहीं चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग और निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर रहेंगी।
ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करें।

