14 May 2026, Thu

संजय कपूर की संपत्ति विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने की खास अपील, बिजनेसमैन की मां और पत्नी को मिली सलाह

दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति और फैमिली ट्रस्ट को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा होता जा रहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए संजय कपूर की मां रानी कपूर और पत्नी प्रिया कपूर से संयम बरतने की अपील की है। अदालत ने साफ कहा कि दोनों पक्ष ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे चल रही मध्यस्थता प्रक्रिया प्रभावित हो। कोर्ट का मानना है कि यदि इस विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से नहीं सुलझाया गया तो यह लंबी कानूनी लड़ाई में बदल सकता है, जिससे परिवार और कारोबारी व्यवस्था दोनों पर असर पड़ेगा।

यह मामला आरके फैमिली ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर परिवार के भीतर मतभेद लगातार सामने आ रहे हैं। इससे पहले 7 मई को सर्वोच्च अदालत ने इस विवाद को सुलझाने के लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया था। अदालत चाहती है कि दोनों पक्ष बातचीत और समझौते के जरिए समाधान निकालें ताकि विवाद और ज्यादा न बढ़े।

गुरुवार को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति जे बी परदीवाला और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने रानी कपूर की ओर से दायर आवेदन पर विचार किया। रानी कपूर ने 18 मई को होने वाली रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड की बोर्ड बैठक को लेकर चिंता जताई थी। उनके वकील ने अदालत को बताया कि इस बैठक में कुछ ऐसे मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है जो ट्रस्ट विवाद को सीधे प्रभावित कर सकते हैं। इनमें स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति और बैंक खातों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में बदलाव जैसे मुद्दे शामिल हैं।

दूसरी ओर प्रिया कपूर और कंपनी की तरफ से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि यह बैठक पूरी तरह नियमों के तहत आयोजित की जा रही है और भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति को विवादित नहीं माना जाना चाहिए क्योंकि यह कंपनी के प्रशासनिक संचालन का हिस्सा है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल यह निर्देश दिया कि 18 मई की बैठक में स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में बदलाव से जुड़े मुद्दों पर कोई फैसला न लिया जाए। अदालत ने कहा कि मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और ऐसे में किसी भी पक्ष को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे समाधान की प्रक्रिया प्रभावित हो।

कोर्ट ने यह भी कहा कि वह आने वाले समय में मध्यस्थता की प्रगति की समीक्षा करेगा। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को तय की गई है। इसके साथ ही अदालत ने यह संकेत भी दिया कि फिलहाल नियामक संस्थाओं द्वारा अतिरिक्त दबाव बनाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मामला न्यायिक निगरानी में है।

संजय कपूर के निधन के बाद यह पारिवारिक विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। बताया जा रहा है कि उनके निधन के बाद ट्रस्ट और कारोबारी हिस्सेदारी को लेकर परिवार के भीतर मतभेद उभरकर सामने आए। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मध्यस्थता प्रक्रिया के जरिए इस विवाद का समाधान निकल पाता है या नहीं।

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