Maharashtra में पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क और उससे जुड़े संदिग्धों के खिलाफ Maharashtra Anti-Terrorism Squad (ATS) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। बुधवार सुबह से राज्य के कई शहरों में एक साथ छापेमारी की जा रही है। ATS की यह कार्रवाई पाकिस्तानी गैंगस्टर शाहजाद भट्टी गैंग और डोगर गैंग से जुड़े लोगों तथा सोशल मीडिया के जरिए इन नेटवर्क्स से संपर्क रखने वालों के खिलाफ की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे से शुरू हुए इस ऑपरेशन के तहत Mumbai, Pune, Nagpur, Nashik, Jalgaon, Akola, Nanded, नालासोपारा और मीरारोड समेत कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ATS की टीमें संदिग्धों के ठिकानों पर पहुंचकर पूछताछ कर रही हैं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में जुटी हैं।
जांच एजेंसियों को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि सीमा पार बैठे गैंगस्टर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए महाराष्ट्र के युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये गैंग युवाओं को लग्जरी लाइफस्टाइल, आसान पैसे और विदेश में सेट होने जैसे लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहने वाले कुछ स्थानीय युवाओं की गतिविधियां एजेंसियों के रडार पर थीं, जिसके बाद यह बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया।
ATS सूत्रों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य इन गैंग्स के संभावित स्लीपर सेल्स और स्थानीय सहयोगियों की पहचान करना है। एजेंसियों को आशंका है कि इन नेटवर्क्स के जरिए हथियारों की तस्करी, अवैध फंडिंग और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसी खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित साजिश को शुरुआती स्तर पर ही खत्म करने की कोशिश कर रही हैं।
छापेमारी के दौरान ATS की टीमों ने कई संदिग्ध ठिकानों से लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी ताकि सोशल मीडिया चैट, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और विदेशी संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
इसके अलावा जांच एजेंसियां संदिग्धों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों को शक है कि हवाला नेटवर्क के जरिए पाकिस्तान या अन्य देशों से फंडिंग की जा सकती है। इसी कारण बैंकिंग रिकॉर्ड, ऑनलाइन पेमेंट हिस्ट्री और संदिग्ध लेनदेन को खंगाला जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर नेटवर्क अब युवाओं तक आसानी से पहुंच बना रहे हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए फैल रहे आपराधिक नेटवर्क पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है।
फिलहाल ATS की कार्रवाई जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य की सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

