आज के कॉर्पोरेट दौर में जहां कर्मचारियों पर लगातार काम का दबाव, लंबे ऑफिस घंटे और टारगेट्स का बोझ बढ़ता जा रहा है, वहीं एक दिल्ली स्थित कंपनी के CEO ने ऐसा कदम उठाया है जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया। मदर्स डे के मौके पर कंपनी के संस्थापक और उद्यमी Rajat Grover ने अपने कर्मचारियों के लिए एक भावुक और प्रेरणादायक पहल की घोषणा की, जिसकी अब इंटरनेट पर जमकर चर्चा हो रही है।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में रजत ग्रोवर ने माता-पिता के त्याग और उनके योगदान के बारे में बात करते हुए कर्मचारियों को एक खास गिफ्ट देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए अपनी इच्छाओं और आराम का त्याग करते हैं, लेकिन बच्चे अक्सर उन्हें समय नहीं दे पाते। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी कंपनी के कर्मचारियों को माता-पिता के साथ समय बिताने के लिए तीन दिन की पेड लीव और ₹10,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
वीडियो में रजत ग्रोवर कहते नजर आए कि “हम अपने माता-पिता से अक्सर ‘ना’ कहते रहते हैं, जबकि उन्होंने पूरी जिंदगी हमें ‘हां’ कहा है। उन्होंने अपने सपनों, समय और मेहनत को हमारे भविष्य के लिए समर्पित कर दिया। अब समय आ गया है कि हम उनसे पूछें कि वे जिंदगी में क्या करना चाहते थे और उसे पूरा करने की कोशिश करें।”
उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने माता-पिता को कहीं घुमाने ले जाएं, उनके साथ समय बिताएं और यादगार पल बनाएं। खास बात यह रही कि यह छुट्टी कर्मचारियों की नियमित छुट्टियों यानी PTO बैलेंस से अलग होगी। यानी कर्मचारियों को इसके लिए अपनी छुट्टियां खर्च नहीं करनी पड़ेंगी।
रजत ग्रोवर ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि उनके बिजनेस की नींव रखने से पहले उनकी मां सुबह 5 बजे उठकर उनके लिए खाना बनाती थीं और घर की जिम्मेदारियां संभालती थीं ताकि वह अपने सपनों पर पूरा ध्यान दे सकें। उन्होंने कहा कि माता-पिता का योगदान अक्सर नजर नहीं आता, लेकिन वही बच्चों की सफलता की असली ताकत होते हैं।
सोशल मीडिया पर इस पहल को लेकर लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई यूजर्स ने रजत ग्रोवर को “साल का सबसे अच्छा बॉस” बताया। एक यूजर ने लिखा, “काश हर कंपनी अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के बारे में ऐसे सोचती।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “आज के समय में इस तरह की संवेदनशील सोच बहुत कम देखने को मिलती है।”
कॉर्पोरेट संस्कृति में बढ़ते तनाव और मानसिक दबाव के बीच यह पहल लोगों को भावुक करने के साथ-साथ प्रेरित भी कर रही है। कई लोगों का मानना है कि कर्मचारियों की मानसिक और भावनात्मक भलाई के लिए इस तरह के कदम बेहद जरूरी हैं। यही वजह है कि मदर्स डे पर दिया गया यह अनोखा तोहफा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

